सोशल संवाद / रांची: Jharkhand राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर दिया है। दो सीटों के लिए हुए चुनाव में झामुमो (JMM) के बैद्यनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी विजयी घोषित हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम को महागठबंधन (INDIA गठबंधन) के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
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परिमल नथवानी ने पलटा चुनावी गणित
राज्यसभा चुनाव से पहले विधानसभा में संख्या बल के आधार पर महागठबंधन को बढ़त हासिल थी। हालांकि मतदान के बाद आए परिणामों में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक नथवानी को 28 वैध प्रथम वरीयता वोट मिले, जो जीत के लिए आवश्यक संख्या थी।
बैद्यनाथ राम ने भी दर्ज की जीत
झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने भी राज्यसभा की एक सीट पर जीत हासिल की। उन्हें 30 वोट प्राप्त हुए और वे आसानी से निर्वाचित हो गए। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा अपेक्षित समर्थन के बावजूद जीत हासिल नहीं कर सके।
क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में मौजूद संख्या बल के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार की हार कई सवाल खड़े करती है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाते हुए क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक प्रबंधन की समीक्षा की बात कही है।
कांग्रेस के लिए बड़ा झटका
महागठबंधन के पास विधानसभा में पर्याप्त विधायक होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने विपक्षी दलों को निशाना साधने का मौका दे दिया है। भाजपा नेताओं ने इसे महागठबंधन की राजनीतिक विफलता करार दिया है, जबकि कांग्रेस ने पूरे मामले की समीक्षा की बात कही है।
चौथी बार राज्यसभा पहुंचे परिमल नथवानी
इस जीत के साथ परिमल नथवानी लगातार चौथी बार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। झारखंड की राजनीति में उनकी यह जीत खास मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने कठिन चुनावी मुकाबले में जीत दर्ज की है।
झारखंड की राजनीति में बढ़ी हलचल
राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन के भीतर वोटिंग पैटर्न को लेकर मंथन शुरू हो गया है, जबकि एनडीए इस जीत को अपने लिए बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में देख रहा है। आने वाले दिनों में इस चुनाव के असर राज्य की राजनीति पर देखने को मिल सकते हैं।










