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Jharkhand Ration Card Update: अब राशन कार्डधारकों को पोर्टल पर अपडेट करनी होगी जाति, सरकार का नया आदेश

By Tamishree Mukherjee

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Jharkhand Ration Card Caste Update

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सोशल संवाद / झारखण्ड : झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य के सभी राशन कार्डधारकों के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब सरकारी राशन कार्ड से जुड़े सभी लाभार्थियों को पोर्टल पर अपनी जाति (Caste) की जानकारी अपडेट करनी होगी। विभाग ने इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने के लिए सभी जिला और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के साथ-साथ राशन दुकानदारों को भी निर्देश जारी किए हैं।

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राशन कार्ड में ऑनलाइन होगी जाति अपडेट

विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, मोबाइल ऐप और ई-POS मशीन के माध्यम से राशन कार्डधारकों की जाति ऑनलाइन अपडेट की जाएगी। हालांकि, इस अपडेट को अंतिम मंजूरी संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) या पणन पदाधिकारी द्वारा जांच के बाद ही दी जाएगी। सरकार ने सभी उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) को इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

झारखंड में कितने राशन कार्डधारक?

राज्य में वर्तमान में करीब 5,989,931 राशन कार्ड जारी हैं, जिनसे 2,62,71,749 लाभार्थी जुड़े हुए हैं। सरकार का उद्देश्य सभी लाभार्थियों का अद्यतन और सत्यापित रिकॉर्ड तैयार करना है।

मंत्री इरफान अंसारी ने क्या कहा?

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उनके मुताबिक यह प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत परिवार के सदस्यों का सही आकलन करने के लिए की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में परिवार के सदस्यों की संख्या वास्तविक से अधिक दर्ज होने के कारण जरूरत से ज्यादा राशन मिल रहा था। अब वास्तविक सदस्यों के आधार पर लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सभी जातियों का सम्मान करती है और किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।

बाबूलाल मरांडी ने जताया विरोध

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि जाति आधारित राशन कार्ड की व्यवस्था उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध कराया जाता है और इस योजना का लाभ जाति के आधार पर नहीं बल्कि पात्रता के आधार पर मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।

राशन दुकानदार भी असमंजस में

फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने भी इस निर्णय पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव ज्ञानदेव झा ने कहा कि राशन दुकानदारों के लिए लाभार्थियों से उनकी जाति पूछना आसान नहीं होगा और इससे विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य की करीब 25 हजार राशन दुकानों के माध्यम से यह अपडेट कराया जाना है, लेकिन इसकी प्रक्रिया को लेकर कई व्यावहारिक सवाल अब भी बने हुए हैं।

सबसे बड़ा सवाल अभी भी बाकी

सरकारी आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यदि कोई राशन कार्डधारक अपनी जाति की जानकारी देने से इनकार करता है, तो उसके राशन कार्ड या राशन वितरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इस मुद्दे पर सरकार की ओर से फिलहाल कोई अलग दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

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