सोशल संवाद / रांची: Jharkhand में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर नए खुलासे सामने आने के बाद अभ्यर्थियों और राजनीतिक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। मामले को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
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भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
राज्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों ने युवाओं की चिंता बढ़ा दी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से मेहनत कर रहे छात्रों के भविष्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता जरूरी है।
JPSC की कई परीक्षाएं टलीं
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने हाल ही में कई भर्ती परीक्षाओं को स्थगित किया है। इनमें झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा समेत नौ परीक्षाएं शामिल हैं। आयोग ने परीक्षाओं को टालने के पीछे “अपरिहार्य कारणों” का हवाला दिया है। यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच आया है।
अभ्यर्थियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।
सरकार और आयोग के सामने बड़ी चुनौती
झारखंड में रोजगार और सरकारी नियुक्तियां लंबे समय से बड़ा मुद्दा रही हैं। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और आयोग दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए तकनीकी निगरानी, सख्त सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही तय करना जरूरी है।
युवाओं की नजर जांच रिपोर्ट पर
अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और उससे जुड़े अगले कदमों पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी और भविष्य में होने वाली भर्ती परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएंगी।









