सोशल संवाद / सिमडेगा: झारखंड में रूबेला वायरस का पहला मामला सिमडेगा जिले से सामने आया है। ठेठईटांगर प्रखंड के कुड़पानी मुंडलटोली गांव की 10 वर्षीय बच्ची में रूबेला वायरस की पुष्टि हुई है। सिमडेगा के सिविल सर्जन सुंदर मोहन समद ने इसकी पुष्टि की है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है और संक्रमित बच्ची के गांव समेत आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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रिम्स में जांच के बाद हुई रूबेला की पुष्टि
जानकारी के अनुसार, कुड़पानी गांव में कुछ बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 15 सितंबर को जांच अभियान चलाया था। इस दौरान 5 बच्चियों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए रांची स्थित रिम्स भेजे गए थे। 19 सितंबर को रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच रिपोर्ट में मुंडलटोली निवासी 10 वर्षीय बच्ची में रूबेला वायरस की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, संक्रमित बच्ची की स्थिति फिलहाल ठीक है। विभाग की टीम लगातार बच्ची और उसके संपर्क में आए लोगों की निगरानी कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
झारखंड में रूबेला का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। संक्रमित बच्ची के गांव के साथ आसपास के गांवों में भी स्वास्थ्य टीमों को निगरानी और नए मामलों की पहचान के निर्देश दिए गए हैं।
ठेठईटांगर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
3 गांवों के 112 बच्चों का होगा टीकाकरण
रूबेला के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुंडलटोली समेत आसपास के कुल 3 गांवों में 9 महीने से 5 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण का अभियान शुरू किया है।
कुल 112 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें अकेले मुंडलटोली गांव के 44 बच्चे शामिल हैं। अब तक मुंडलटोली में 28 बच्चों को वैक्सीन दी जा चुकी है।
टीकाकरण अभियान को जल्द पूरा करने के लिए बुधवार से 4 स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है। ये टीमें मुंडलटोली समेत आसपास के अन्य गांवों में जाकर बच्चों का टीकाकरण करेंगी।
बच्चों में चेचक की शिकायत के बाद सामने आया मामला
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुड़पानी गांव में कुछ बच्चों को चेचक जैसे लक्षण होने की जानकारी स्वास्थ्य सहिया को मिली थी। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना चिकित्सा पदाधिकारी को दी। स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर बच्चों की जांच की और संदिग्ध मामलों के सैंपल लेकर रिम्स भेजे। इसी जांच के दौरान 10 वर्षीय बच्ची में रूबेला वायरस की पुष्टि हुई।
क्या है रूबेला वायरस?
रूबेला एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में हल्का बुखार, सिरदर्द, शरीर पर गुलाबी रंग के दाने और आंखों में लालिमा शामिल हो सकती है।
गर्भवती महिलाओं के लिए रूबेला संक्रमण विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान संक्रमण होने पर गर्भस्थ शिशु में जन्मजात रूबेला सिंड्रोम का खतरा हो सकता है। रूबेला से बचाव में टीकाकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सिमडेगा में रूबेला को लेकर क्या तैयारी?
- झारखंड में रूबेला का पहला मामला सिमडेगा में सामने आया।
- 10 वर्षीय बच्ची में रिम्स की जांच के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई।
- संक्रमित बच्ची की स्थिति फिलहाल ठीक बताई गई है।
- 3 गांवों में 112 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य है।
- मुंडलटोली के 44 बच्चों में से 28 का टीकाकरण पूरा हो चुका है।
- अभियान के लिए 4 स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है।
- आसपास के गांवों में भी नए मामलों की निगरानी की जा रही है।











