सोशल संवाद / झारखंड : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR 2026) के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर दो गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), झारखंड को पत्र भेजकर पश्चिमी सिंहभूम में BLO द्वारा मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले बैग के इस्तेमाल और जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र में कथित रूप से डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र (EPIC) जारी होने के मामले की जांच कराने की मांग की है।
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BLO के बैग को लेकर भाजपा की आपत्ति
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं SIR-2026 के प्रदेश संयोजक राकेश प्रसाद ने आरोप लगाया है कि 30 जून से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले में कुछ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले बैग का इस्तेमाल करते हुए मतदाता सत्यापन कार्य कर रहे हैं।
पार्टी का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है। ऐसे में निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी राजनीतिक दल या सरकार से जुड़े प्रतीकों या प्रचार सामग्री का इस्तेमाल निष्पक्ष चुनाव की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता। भाजपा ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
जगन्नाथपुर में डुप्लीकेट EPIC नंबर का आरोप
भाजपा ने अपनी दूसरी शिकायत में जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या-176 में मतदाता सूची में कथित अनियमितता का मुद्दा उठाया है। पार्टी का दावा है कि इस बूथ पर कई मतदाताओं के नाम दो-दो स्थानों पर दर्ज हैं और उनके लिए दो अलग-अलग EPIC (Electors Photo Identity Card) नंबर भी जारी किए गए हैं।
भाजपा का कहना है कि यदि यह दावा सही पाया जाता है तो यह निर्वाचन नियमों का गंभीर उल्लंघन है और इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।
निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग
भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे।
हालांकि, इन आरोपों पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी या निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही इन दावों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।










