सोशल संवाद / जमशेदपुर: झारखंड में जेल सुधार और महिला कैदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पूर्वी सिंहभूम जिले की साकची जेल को राज्य की पहली पूर्ण महिला जेल में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में जेल विभाग की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
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प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद राज्यभर की महिला सजायाफ्ता कैदियों को साकची जेल में रखा जाएगा। इस जेल में महिलाओं की जरूरतों के अनुरूप विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे उन्हें सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।
महिला कर्मियों के हाथ में होगी पूरी जिम्मेदारी
प्रस्तावित महिला जेल में प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी सभी जिम्मेदारियां महिला अधिकारियों और कर्मियों के हाथों में होंगी। जेल प्रबंधन को पूरी तरह महिला-केंद्रित बनाया जाएगा, ताकि महिला कैदियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।
कौशल विकास और पुनर्वास पर रहेगा विशेष फोकस
नई व्यवस्था के तहत महिला कैदियों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कंप्यूटर शिक्षा और अन्य स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसके अलावा साक्षरता अभियान, योग, ध्यान और काउंसलिंग जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
जेल सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
झारखंड में महिला कैदियों के लिए अलग जेल की मांग लंबे समय से उठती रही है। राज्य में जेलों की व्यवस्था और महिला बंदियों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती रही है। ऐसे में साकची जेल को महिला जेल में बदलने की पहल को जेल सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर माहौल
अधिकारियों का मानना है कि राज्य की पहली महिला जेल बनने से महिला बंदियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और पुनर्वास के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे जेल प्रशासन को भी महिला कैदियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने में आसानी होगी।









