सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 37 संदिग्धों से पूछताछ की है। जांच को मजबूत करने के लिए सरकार ने SIT में 17 नए अधिकारियों को शामिल किया है, जिनमें छह IPS अधिकारी भी हैं।

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जांच टीम अब कथित पेपर लीक के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी और इसमें शामिल नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों को जांच के अलग-अलग पहलुओं की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि मामले की जांच तेजी से पूरी की जा सके।
दरअसल, JSSC-CGL परीक्षा को लेकर लंबे समय से छात्र आंदोलन कर रहे थे। इसी बीच जांच में सामने आए नए तथ्यों के बाद SIT का दायरा बढ़ाया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर पेपर लीक से किन अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचा और उनके आरोपियों से क्या संबंध हैं।
हालांकि, SIT ने पहले कहा था कि CGL परीक्षा में पेपर लीक का प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला था। अब सामने आए नए आरोपों और जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि 17 अगस्त को झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार ने TDPL द्वारा कराई गई परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया है।
SIT के विस्तार और 37 संदिग्धों से पूछताछ के बाद अब छात्रों और अभ्यर्थियों की नजर जांच के अगले कदम पर है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि कथित गड़बड़ी की पूरी कड़ी कहां से शुरू हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।









