सोशल संवाद / डेस्क : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) के विरोध में चल रहा 15 दिनों का आदिवासी आंदोलन रविवार को पुलिस कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल खाली कराया और आंदोलन में शामिल लोगों को उनके गांव भेज दिया। वहीं, लंबे समय से अनशन पर बैठे आंदोलनकारी अमित भटनागर की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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क्या था प्रदर्शन का मुद्दा?
आंदोलन में शामिल आदिवासी समुदाय और परियोजना से प्रभावित परिवारों का कहना था कि उन्हें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और मुआवजे को लेकर पर्याप्त न्याय नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरणीय प्रभाव, विस्थापन और परियोजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए थे।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन स्थल नदी और निर्माणाधीन पुल के पास स्थित था, जहां लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से सुरक्षा संबंधी खतरा पैदा हो गया था। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आंदोलन स्थल खाली कराया। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया और किसी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया।
अमित भटनागर की बिगड़ी तबीयत
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य खराब होने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया, जबकि प्रशासन ने इसे नकारते हुए कहा कि उन्हें केवल चिकित्सकीय देखभाल के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
Ken-Betwa Project क्यों है चर्चा में?
केन-बेतवा लिंक परियोजना भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना मानी जाती है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ाना है। हालांकि, परियोजना को लेकर प्रभावित परिवारों, पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों की ओर से लंबे समय से पुनर्वास, मुआवजा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहे हैं।
आगे क्या होगा?
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी प्रभावित परिवारों ने अपनी मांगों पर संघर्ष जारी रखने की बात कही है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।









