सोशल संवाद / डेस्क : भारत में तंबाकू सेवन लंबे समय से स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता रहा है, लेकिन अब खैनी को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार की राजधानी पटना में हुए एक रिसर्च में दावा किया गया है कि खैनी सिर्फ कैंसर ही नहीं, बल्कि दिल की गंभीर बीमारियों और हार्ट ब्लॉकेज का बड़ा कारण बन रही है। विशेषज्ञों ने इसे “साइलेंट हार्ट किलर” तक बताया है।
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IGIMS पटना के रिसर्च में क्या सामने आया?
पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में किए गए शोध में पाया गया कि नियमित रूप से खैनी खाने वालों में दिल की नसों में ब्लॉकेज का खतरा काफी अधिक होता है। रिसर्च के दौरान एक हजार मरीजों का अध्ययन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या उन लोगों की थी जो दिन में तीन बार या उससे अधिक खैनी का सेवन करते थे।
शोध में यह भी सामने आया कि खैनी खाने वाले कई मरीजों के दिल की नसों में 70 प्रतिशत से अधिक ब्लॉकेज पाया गया। डॉक्टरों के अनुसार खैनी में मौजूद निकोटिन तेजी से खून में घुलकर ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ा देता है, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है खैनी
रिसर्च में दावा किया गया कि चबाने वाला तंबाकू कई मामलों में सिगरेट से भी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में युवा खैनी के आदी हैं, जिससे कम उम्र में ही हृदय रोग के मामले बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू सेवन से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं, जो धीरे-धीरे दिल की बीमारी का कारण बनती हैं।
शरीर को कैसे पहुंचाती है नुकसान?
डॉक्टरों के मुताबिक जब कोई व्यक्ति खैनी को होंठ के नीचे रखता है, तो निकोटिन सीधे शरीर में अवशोषित होकर रक्त प्रवाह को प्रभावित करता है। इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं और खून में थक्का बनने की आशंका बढ़ जाती है। यही स्थिति आगे चलकर हार्ट ब्लॉकेज और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं में बदल सकती है।
डॉक्टरों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से तंबाकू और खैनी जैसी आदतों से दूर रहने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान, व्यायाम और तंबाकू से दूरी बनाकर दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।









