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राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से कुणाल षाडंगी ने दिल्ली में की मुलाकात, झारखंड की कई समस्याओं से कराया अवगत

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सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकालत की। इस अवसर पर कुणाल ने राष्ट्रपति महोदया के संज्ञान में पूर्वी सिंहभूम जिले के संदर्भ में कई मांगों से अवगत कराने के साथ ही झारखंड की कई समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया। राष्ट्रपति महोदया ने आश्वस्त किया की वे सभी विषयों पर भी विचार करेंगी व जल्द ही विभागीय मंत्रियों से समाधान हेतु मंत्रणा करेंगी।

जमशेदपुर में बने एयरपोर्ट – जमशेदपुर में हवाई सेवा जल्द शुरू होनी चाहिए। उड़ान के तहत छोटे हवाई जहाज़ों का परिचालन कोलकाता व भूवनेश्वर तक शुरू हुआ है लेकिन देश के अन्य प्रमुख शहरों को जोड़ने की सेवा अब तक नहीं हो पाई है। झारखंड सरकार की उदासीनता के कारण वर्षों से विभागीय स्तर पर सिर्फ़ काग़ज़ी बातें हो रही है। अब धालभूमगढ, जमशेदपुर या जहाँ भी तकनीकी स्तर पर विभागीय स्वीकृति मिल पाए वहाँ स्थल चयन पर अंतिम निर्णय शीघ्र की जाये जिससे धरातल पर काम शुरू होना चाहिए।

जमशेदपुर में AIIMS का सैटेलाइट सेंटर शुरू हो – कुणाल षाडंगी ने राष्ट्रपति महोदया से आग्रह किया कि जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर को एक बेहतर सुपर स्पेशियालीटि चिकित्सा संस्थान की अत्यंत जरूरत है। पूरा शहर टीएमएच के भरोसे है। उड़ीसा के बालासोर की तर्ज़ पर एम्स (AIIMS) का सैटेलाइट सेंटर जमशेदपुर में जल्द खोली जाए क्योंकि भूवऩेश्वर और देवघर के AIIMS की दूरी यहाँ से काफ़ी ज़्यादा है। जमशेदपुर में सेंटर शुरू होने से सैकड़ों ज़रूरतमंदों को मदद मिलेगी।

पूर्वी सिंहभूम में स्थापित हो केंद्रीय विश्वविद्यालय – स्कूलों से बारहवीं की पढ़ाई के बाद बड़ी तादाद में छात्र छात्राओं का पलायन होती है। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर सिंहभूम के स्वतंत्रता सेनानी जगू दीवान, राजा अर्जुन सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित करते हुए यहाँ केंद्रीय विश्व विद्यालय की स्थापना की जानी चाहिए ताकि जिले के छात्र छात्राओं के पलायन पर रोक लगे और उन्हें गुणवत्ता पूर्ण उच्च शिक्षा मिल सके। इससे जमशेदपुर सहित कोल्हान के छात्र लाभांवित हो सकेंगे। जमशेदपुर में आर्चरी व फुटबॉल की संभावनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय फुटबॉल व आर्चरी एकाडेमी की स्थापना करने की मांग भी कुणाल षाडंगी ने उठाया।

राज्य में आयुष्मान भारत योजना से बंद है ईलाज – झारखंड के अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना से ईलाज बंद है। पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने राष्ट्रपति से मुलाकात के क्रम में उनके संज्ञान में लाया और उचित हस्तक्षेप का निवेदन किया। उन्हें बताया की राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों को प्रीमियम राशि का भुगतान नहीं किया है। वित्तीय घाटा एवं लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण संबद्ध अस्पतालों ने ईलाज बंद कर दिया है। झारखंड सरकार इस दिशा में संवेदनशील नहीं है जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की गरीबों के हितार्थ महत्वकांशी योजना प्रभावित हो रही है। राष्ट्रपति महोदया ने आश्वस्त किया की संबंधित सरकार एवं विभागों को उचित निर्देश देंगी।

बाहर पढ़ रहे झारखंडी छात्रों को नहीं मिल रही छात्रवृत्ति की राशि – झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने राष्ट्रपति महोदया को बताया की अन्य प्रदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र छात्राओं को लंबे समय से छात्रवृत्ति की राशि भुगतान नहीं की जा रही है। इस अघोषित रोक के कारण क्या हो सकते हैं समझ से परे है। झारखंडी छात्रों की उच्च शिक्षा को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं है। कुणाल ने राष्ट्रपति महोदया से उचित संज्ञान लेने का आग्रह किया।

चाकुलिया बढामारा रेलवे लाईन शुरू होने की संभावना – कुणाल ने राष्ट्रपति महोदया से चाकुलिया बढामारा रेलवे लाईन परियोजना को जल्द शुरू करवाने का आग्रह किया। इससे बहरागोडा रेलवे के मानचित्र पर स्थापित होगा। राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि मैने रेलवे मंत्री से इस विषय पर चर्चा की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि चाकुलिया बडामारा, बांगरीपोसी गुरूमईसानी, बादामपहाड से केऊंझर के बीच रेलवे लाईन बिछाने हेतु कार्य का प्रस्ताव दिसंबर तक कैबिनेट की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव चली जायेगी। विदित हो की पिछली मुलाकात में चाकुलिया बढ़ामारा रेलवे लाईन शुरुआत कराने संबंधित निवेदन राष्ट्रपति महोदया से किया था। तब भी उन्होंने इसपर हस्तक्षेप का भरोसा दिया था। कुणाल ने राष्ट्रपति महोदया के प्रति आभार जताया और कहा की इस रेलवे लाईन की शुरुआत से बहरागोड़ा रेलवे की मानचित्र पर स्थापित होगा।

महिला उत्पीड़न के साथ-साथ पुरूष उत्पीड़न पर भी कठोर नियम बनें  – कुणाल षाडंगी ने राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात के क्रम में बताया की उत्पीड़न से जुड़े नियमों को ज़्यादा तर्कसंगत और संतुलित बनाने की आवश्यकता। महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई हो लेकिन साथ ही साथ कोई महिला इसका ग़लत फ़ायदा नहीं उठाए यह भी सुनिश्चित हो। वैवाहिक विवादों में फँसे लाखों पिताओं को सालों से अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। 498A का ग़लत इस्तेमाल करके प्रति वर्ष लाखों गिरफ़्तारियाँ हो रही है। 2022 में 1,18,979 पुरूषों ने आत्महत्या की। जिसमें 30% से ज़्यादा लोगों ने पारिवारिक कारणों से आत्महत्या की।केद्र मे व सभी राज्यों में पुरूष कमीशन जैसी संस्थागत व्यवस्था बनाने पर विचार हो।

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