सोशल संवाद /रांची : सीआईडी ने जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में दर्ज केस में अनियमितता व रिश्वत से जुड़े मामले में जेपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन एल ख्यांग्ते से 48 घंटे की रिमांड पर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। 10 अगस्त को सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
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रिमांड के दौरान ख्यांग्ते से जेपीएससी में पदभार ग्रहण करने के बाद ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल को परीक्षा संचालन का काम देने, काम देने के एवज में दो करोड़ व 20 प्रतिशत की वसूली के साथ-साथ
जेपीएससी की 14वीं पीटी परीक्षा में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ की जानकारी होने समेत अन्य विषयों पर पूछताछ की। मास्टरमाइंड अभय तिवारी, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार के बयान में आए तथ्यों के आधार पर ख्यांग्ते से पूछताछ की गई। टीडीपीएल को नॉमिनेशन के आधार पर काम देने की बात श्वेता ने बतायी थी।
वहीं, अभय ने सीआईडी को दिए बयान में बताया था कि धर्मेंद्र के जरिए ख्यांग्ते के साथ मीटिंग हुई थी। इसके बाद दो करोड़ व प्रति भुगतान पर 20 प्रतिशत कमीशन पर टीडीपीएल को काम दिया गया था। सीआईडी ने 11 वीं से 13वीं जेपीएससी, 14वीं जेपीएससी में पीटी परीक्षा परिणाम पर सवाल पूछे।









