सोशल संवाद / डेस्क : ऐसा लगता है कि Oracle टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों में कटौती के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के डेटा सेंटर्स को अपग्रेड करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम डेवलप करने की वजह से सॉफ्टवेयर फर्म पर खर्च बढ़ाने का दबाव था, जिसके कारण छंटनी का यह नया दौर शुरू हुआ।
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ये नए आंकड़े टेक्नोलॉजी सेक्टर के एक बड़े ट्रेंड का भी हिस्सा हैं, क्योंकि कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा मैनेजमेंट पर ज़्यादा ध्यान दे रही हैं और अपने ऑर्गनाइज़ेशन के स्ट्रक्चर पर फिर से विचार कर रही हैं। छंटनी से प्रभावित मौजूदा कर्मचारी बड़े टैलेंट मार्केट में वापस आ सकते हैं, और जो लोग एडवांस्ड डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं, उनकी मांग सेक्टर में बनी रह सकती है।
चूंकि भारत ग्लोबल टेक्नोलॉजी फर्मों को टैलेंट उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए कंपनियों के स्तर पर हो रहे ये बदलाव पूरी इंडस्ट्री और खास स्किल्स की मांग में आ रहे बदलावों का भी संकेत हैं। Oracle में छंटनी: नया दौर, नई टेक्नोलॉजी। डेटा सेंटर्स और AI सिस्टम में काम करने वाले लोगों की संख्या में बदलाव होता रहेगा, और जैसे-जैसे कुछ खास स्किल्स पर फोकस बढ़ेगा, कंपनियों को इन बदलावों के हिसाब से खुद को ढालना होगा। हालांकि AI से नई भूमिकाएं बन सकती हैं, लेकिन इसका असर ऑर्गनाइज़ेशन में मौजूद मौजूदा पदों पर भी पड़ेगा।










