सोशल संवाद / जमशेदपुर : दाहिने पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद जमशेदपुर की स्नेहा कुमारी ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी को प्रेरित कर दिया। मानगो के गौर बस्ती कृष्णानगर की रहने वाली स्नेहा ने किर्गिस्तान में आयोजित 13वीं विश्व स्ट्रेंथलिफ्टिंग एवं इंक्लाइन बेंच प्रेस चैंपियनशिप-2026 में दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत और झारखंड का नाम रोशन किया।
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175 किलो वजन उठाकर जीता गोल्ड
स्नेहा ने स्ट्रेंथलिफ्टिंग स्पर्धा में 175 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, इंक्लाइन बेंच प्रेस में 60 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
खास बात यह रही कि प्रतियोगिता से पहले ट्रेनिंग के दौरान उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया था। चोट के बावजूद स्नेहा ने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी।
चोट को नहीं बनने दिया कमजोरी
फ्रैक्चर के बाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेना स्नेहा के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। सीमित परिस्थितियों में भी उन्होंने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा और विश्व मंच पर शानदार प्रदर्शन किया।
उनकी इस सफलता ने साबित किया कि मजबूत हौसले और दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं।
2025 में भी जीते थे दो स्वर्ण
स्नेहा के लिए यह पहली अंतरराष्ट्रीय सफलता नहीं है। इससे पहले 2025 में थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेंथलिफ्टिंग एवं इंक्लाइन बेंच प्रेस चैंपियनशिप में भी उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते थे।
लगातार दो वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो-दो गोल्ड मेडल जीतकर स्नेहा ने अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाया है।
पढ़ाई में भी हैं आगे
स्नेहा कुमारी के पिता कामेश्वर ठाकुर व्यवसायी हैं और मां चंचला देवी गृहिणी हैं। उन्होंने गोविंद विद्यालय, तमुलिया से स्कूली शिक्षा पूरी की है। वर्तमान में वह नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय से वित्त विषय में पीएचडी कर रही हैं।
खेल के साथ पढ़ाई में भी आगे बढ़ रही स्नेहा की उपलब्धि से जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में खुशी और गर्व का माहौल है।










