सोशल संवाद/डेस्क : ट्रेन से सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर है। रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। अब अगर कोई यात्री ट्रेन, प्लेटफॉर्म या रेलवे परिसर में कचरा फैलाता है, तो उस पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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पहले गंदगी फैलाने पर 500 रुपये तक का जुर्माना था। अब इसे बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। रेलवे का कहना है कि जुर्माने में बढ़ोतरी का मकसद यात्रियों को साफ-सफाई के प्रति ज्यादा जिम्मेदार बनाना है।
सिर्फ कचरा फेंकने पर ही नहीं लगेगा फाइन
रेलवे के नियमों में कई दूसरी गतिविधियां भी शामिल हैं। रेलवे परिसर में इधर-उधर थूकना या पेशाब करना, खाना पकाना, नहाना, कपड़े या बर्तन धोना भी नियमों के खिलाफ है।
इसके अलावा रेलवे की जमीन या परिसर में बिना अनुमति सामान रखना और ट्रेन या रेलवे की संपत्ति पर पोस्टर चिपकाना, कुछ लिखना या चित्र बनाना भी कार्रवाई के दायरे में आता है।
जुर्माना देने से मना किया तो क्या होगा?
अगर कोई व्यक्ति मौके पर लगाया गया जुर्माना देने से इनकार करता है, तो मामला कोर्ट तक जा सकता है। ऐसी स्थिति में 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यात्रियों को भी रखना होगा ध्यान
रेलवे की कोशिश है कि ट्रेन और स्टेशन साफ रहें, लेकिन इसमें यात्रियों की भूमिका भी अहम है। इसलिए सफर के दौरान कचरा डस्टबिन में डालें और रेलवे परिसर में साफ-सफाई से जुड़े नियमों का पालन करें।
कुल मिलाकर, ट्रेन में सफर करते समय छोटी सी लापरवाही अब जेब पर भारी पड़ सकती है। इसलिए नियमों का पालन करें और रेलवे को साफ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।









