सोशल संवाद / डेस्क : महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोनावला के पास स्थित लोहागढ़ किला (Lohagad Fort) इन दिनों अपनी ऐतिहासिक विरासत या मानसून ट्रेकिंग के कारण नहीं, बल्कि चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की वजह से सुर्खियों में है। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला कथित तौर पर एक सुनियोजित हत्या के रूप में सामने आया। इसके बाद किले में पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई है।
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हत्या के बाद बढ़ी पर्यटकों की दिलचस्पी
स्थानीय लोगों और किले के कर्मचारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में पर्यटक अब उस स्थान को देखने पहुंच रहे हैं, जहां से केतन अग्रवाल को कथित तौर पर 350 फीट गहरी खाई में धक्का दिया गया था।
लोहागढ़-विसापुर विकास फोरम के अध्यक्ष सचिन टेकावडे का कहना है कि मानसून में कम बारिश के कारण इस वर्ष शुरुआत में पर्यटकों की संख्या कम थी, लेकिन हत्या की खबर सामने आने के बाद पिछले कुछ दिनों में लोगों की भीड़ तेजी से बढ़ी है।
किले के कर्मचारी बताते हैं कि कई पर्यटक सीधे उसी चट्टान का रास्ता पूछते हैं, जहां यह घटना हुई थी। कुछ लोग अनौपचारिक रूप से उस जगह को “सिया पॉइंट” कहकर भी संबोधित करने लगे हैं।
मुंबई, पुणे और नासिक से पहुंच रहे लोग
इस हाई-प्रोफाइल केस को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है। मुंबई, पुणे, नासिक और आसपास के शहरों से आने वाले कई पर्यटकों ने स्वीकार किया कि हत्या की खबर सुनने के बाद उन्होंने अपनी ट्रिप का प्लान बदलकर लोहागढ़ आने का फैसला किया।
नासिक से आए एक पर्यटक ने बताया कि उन्होंने पहले किसी अन्य ट्रेकिंग स्थल जाने की योजना बनाई थी, लेकिन चर्चित मामले के कारण लोहागढ़ पहुंच गए। वहीं मुंबई से आए कुछ युवाओं ने कहा कि वे घटना से जुड़े स्थान को अपनी आंखों से देखना चाहते थे।
इतिहास से ज्यादा हत्या की चर्चा
करीब दो हजार साल पुराने लोहागढ़ किले का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। लेकिन स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आजकल किले की ऐतिहासिक पहचान से ज्यादा चर्चा हत्या की घटना की हो रही है। लोहागढ़-विसापुर विकास फोरम के अध्यक्ष ने चिंता जताई कि जिस किले को वर्षों से उसके इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए पहचान दिलाने का प्रयास किया गया, वह अब एक आपराधिक घटना के कारण सुर्खियों में है।
क्या है केतन अग्रवाल हत्याकांड?
26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत हुई थी। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद की पुलिस जांच में दावा किया गया कि यह एक पूर्व नियोजित हत्या थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि दोनों ने कथित रूप से शादी रोकने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
लोहागढ़ किले का ऐतिहासिक महत्व
समुद्र तल से लगभग 3,389 फीट की ऊंचाई पर स्थित लोहागढ़ किला सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के सबसे प्रसिद्ध किलों में से एक है। यह मराठा साम्राज्य के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में शामिल रहा है।
इतिहासकारों के अनुसार, इस किले का निर्माण सातवाहन काल में हुआ था। बाद में इस पर चालुक्य, यादव, बहमनी, आदिलशाही और मराठा शासकों का शासन रहा। छत्रपति शिवाजी महाराज के शासनकाल में यह किला रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता था। वर्तमान में यह महाराष्ट्र के प्रमुख ऐतिहासिक और ट्रेकिंग स्थलों में शामिल है।










