सोशल संवाद / लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में 15 बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह भी पढे : चौका में शनिदेव भक्त मंडली का रक्तदान शिविर सफल, 92 यूनिट रक्त संग्रह कर बनाया रिकॉर्ड
आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप संचालित थी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर बच्चों के लिए गतिविधियां और गेमिंग जोन चल रहा था। आग लगते ही इमारत में मौजूद बच्चों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
घटना के चश्मदीदों ने बताया कि आग तेजी से फैल गई और अंदर फंसे बच्चे खिड़कियों से मदद की गुहार लगा रहे थे। स्थानीय लोगों ने शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन आग और धुएं की वजह से राहत कार्य काफी चुनौतीपूर्ण हो गया।
15 बच्चों की मौत की पुष्टि
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ट्रॉमा सेंटर के अधिकारियों ने 15 बच्चों की मौत की पुष्टि की है। कई घायल बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है। कुछ बच्चों को इमारत से बचने के प्रयास में ऊंचाई से कूदने के कारण गंभीर चोटें आई हैं।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और राहत एवं बचाव कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन का दावा है कि इमारत में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया है और सर्च ऑपरेशन पूरा हो चुका है।
नेताओं ने जताया शोक
हादसे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे बेहद पीड़ादायक घटना बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी घटना पर शोक जताते हुए घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव दल पहुंच जाता, तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुटा हुआ है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।










