Maharashtra Snake Bite News: सांप के काटने को Notifiable Disease घोषित, हर केस की होगी रिपोर्टिंग

By Tamishree Mukherjee

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सोशल संवाद / डेस्क : महाराष्ट्र में Snake Bite को ‘Notifiable Disease’ घोषित किया गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों को संदिग्ध, संभावित और पुष्ट मामलों के साथ-साथ Snake Bite से होने वाली मौतों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।

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महाराष्ट्र में Snake Bite यानी सांप के काटने को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने सांप के काटने को ‘सूचित करने योग्य बीमारी’ (Notifiable Disease) घोषित कर दिया है। इसके बाद राज्य में सांप के काटने का हर संदिग्ध, संभावित और पुष्ट मामला स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में आएगा। वहीं, Snake Bite से होने वाली मौतों की रिपोर्टिंग भी अनिवार्य कर दी गई है।

सरकारी और निजी अस्पतालों को देनी होगी जानकारी

इस फैसले का सीधा असर सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्यकर्मियों पर पड़ेगा। अब इन संस्थानों और डॉक्टरों को सांप के काटने से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को देनी होगी।

गंभीर मामलों और मरीज की मौत होने पर इसकी सूचना तत्काल देने की व्यवस्था होगी। सरकार का उद्देश्य Snake Bite के मामलों का सही और व्यवस्थित डेटा तैयार करना है, ताकि समय रहते इलाज और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की जा सके।

क्यों लिया गया यह फैसला?

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सांप के काटने के मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस इलाके में, किस समय और किन परिस्थितियों में Snake Bite के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।

इस डेटा के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में Anti-Snake Venom (ASV) की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही मरीजों के इलाज और मामलों के बढ़ने या घटने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

हर Snake Bite केस का तैयार होगा रिकॉर्ड

अब अस्पतालों को सांप के काटने वाले प्रत्येक मरीज की विस्तृत जानकारी दर्ज करनी होगी। यह डेटा HMIS/DHIS-2, Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP) या सरकार द्वारा निर्धारित अन्य रिपोर्टिंग सिस्टम में दर्ज किया जाएगा।

रिकॉर्ड में मुख्य रूप से ये जानकारी शामिल होगी:

  • सांप ने मरीज को कब और कहां काटा
  • मरीज की उम्र और लिंग
  • घटना किस परिस्थिति में हुई
  • मरीज में दिखाई देने वाले लक्षण
  • मरीज को दिया गया उपचार
  • कितनी मात्रा में Anti-Snake Venom (ASV) दिया गया
  • मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया या नहीं
  • इलाज के बाद मरीज की स्थिति
  • इलाज के दौरान मौत होने पर उसकी पूरी जानकारी

तीन स्तरों पर होगी Snake Bite मामलों की निगरानी

महाराष्ट्र सरकार ने Snake Bite मामलों की निगरानी के लिए राज्य, जिला और नगर निगम स्तर पर जिम्मेदारियां तय की हैं। राज्य स्तर पर अस्पताल निदेशक निगरानी करेंगे। जिला स्तर पर सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी मामलों की समीक्षा करेंगे। वहीं नगर निगम क्षेत्रों में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी या अतिरिक्त चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे।

अधिकारी मामलों की संख्या, मरीजों को मिल रहे इलाज और प्रभावित इलाकों में बचाव एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर नजर रखेंगे।

ASV Stock का भी देना होगा पूरा हिसाब

Snake Bite के इलाज में इस्तेमाल होने वाले Anti-Snake Venom (ASV) के स्टॉक की भी निगरानी की जाएगी। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को यह रिकॉर्ड रखना होगा कि उनके पास कितनी ASV उपलब्ध है, कितनी प्राप्त हुई, कितनी मरीजों को दी गई और कितनी मात्रा स्टॉक में बची है।

जरूरत पड़ने पर यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी। इससे सरकार को उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जहां ASV की मांग ज्यादा है और अतिरिक्त सप्लाई की जरूरत है।

सरकारी गाइडलाइन के अनुसार होगा इलाज

अधिसूचना के मुताबिक, सांप के काटने वाले मरीजों का इलाज सरकार द्वारा निर्धारित मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर के मुताबिक, इस फैसले से Snake Bite मामलों की रिपोर्टिंग, उपचार और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा प्रभावित इलाकों में Anti-Snake Venom समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए।

Snake Bite News: सरकार को क्या फायदा होगा?

इस फैसले से महाराष्ट्र में सांप के काटने से जुड़े मामलों का एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार होगा। इससे प्रभावित इलाकों की पहचान, ASV की सप्लाई, मरीजों के उपचार की निगरानी और Snake Bite से होने वाली मौतों के आंकड़ों को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा।

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