सोशल संवाद / डेस्क : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। CBI का कहना है कि जांच के दौरान मिले डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए गए हैं।

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डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर टिकी चार्जशीट
CBI की चार्जशीट में केवल दस्तावेजी सबूत ही नहीं, बल्कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की राय और शैक्षणिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी शामिल की गई है। एजेंसी का दावा है कि इन साक्ष्यों से यह समझने में मदद मिली कि प्रश्नपत्र कैसे लीक हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। इन्हीं आधारों पर आरोपियों के खिलाफ केस तैयार किया गया है।
सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में
चार्जशीट में नामजद सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, सबूतों से छेड़छाड़ और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों को भी मामले में शामिल किया गया है।
NTA के किसी अधिकारी का नाम नहीं
फिलहाल दाखिल की गई चार्जशीट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के किसी अधिकारी का नाम शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, CBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है। यदि आगे कोई नया सबूत सामने आता है, तो मामले में और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
लाखों छात्रों की नजर अब अदालत पर
NEET-UG 2026 पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर चिंतित थे। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला अदालत में आगे बढ़ेगा और आने वाले दिनों में इस केस में नई कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की नजर अदालत की सुनवाई और CBI की आगे की जांच पर बनी हुई है।









