सोशल संवाद / रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में न्यूरोसर्जरी विभाग के मरीजों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। मरीजों की बढ़ती संख्या और बेड की कमी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने न्यूरोसर्जरी विभाग में 70 नए बेड जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इस फैसले से मरीजों को फर्श या बरामदे में इलाज कराने की समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।

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मरीजों की बढ़ती संख्या बनी चुनौती
RIMS का न्यूरोसर्जरी विभाग राज्य का प्रमुख केंद्र है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में गंभीर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा व्यवस्था में बेड कम होने के कारण कई मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि अतिरिक्त बेड उपलब्ध होने से भर्ती मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
70 नए बेड से बढ़ेगी क्षमता
अस्पताल प्रशासन के अनुसार नए बेड जोड़े जाने के बाद न्यूरोसर्जरी विभाग की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी और आपातकालीन मामलों को भी तेजी से संभाला जा सकेगा। RIMS लगातार अपने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
फर्श पर इलाज की समस्या होगी कम
बेड की कमी के कारण कई बार मरीजों को वार्ड में जगह नहीं मिल पाती थी, जिससे उन्हें फर्श या अस्थायी व्यवस्था में रहना पड़ता था। नए बेड शुरू होने के बाद इस स्थिति में सुधार आने की संभावना है। अस्पताल प्रबंधन का लक्ष्य मरीजों को सम्मानजनक और बेहतर उपचार वातावरण उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
हाल के वर्षों में RIMS में विभिन्न विभागों में बेड बढ़ाने, नई ICU सुविधाएं शुरू करने और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। अस्पताल का लक्ष्य झारखंड के मरीजों को राज्य में ही बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत
न्यूरोसर्जरी विभाग में 70 नए बेड की व्यवस्था होने से न केवल मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, बल्कि उनके परिजनों को भी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अस्पताल में मरीजों के दबाव को संतुलित करने और इलाज की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।










