---Advertisement---
Banner 1
Banner 2

गरीबों के पानी पर राजनीति बंद करे मानगो की मेयर : निशुल्क जल सेवा रोकना अमानवीय और जनविरोधी कृत्य

By Riya Kumari

Published :

Follow
गरीबों के पानी पर राजनीति बंद करे मानगो की मेयर : निशुल्क जल सेवा रोकना अमानवीय और जनविरोधी कृत्य

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / जमशेदपुर : मानगो की जल संकटग्रस्त बस्तियों में विगत पाँच वर्षों से मेरे निजी टैंकरों के माध्यम से निरंतर निशुल्क जल वितरण का कार्य किया जाता रहा है। हजारों गरीब एवं जरूरतमंद परिवार, जिन्हें आज तक नगर निगम नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति उपलब्ध नहीं करा सका है, इस सेवा के माध्यम से राहत प्राप्त करते रहे हैं। भीषण गर्मी में जब लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचता, तब मेरे टैंकर दिन-रात सेवा देकर लोगों की प्यास बुझाने का कार्य करते रहे हैं।

यह भी पढे : Sejal Pawar Controversy: स्टैंड-अप शो के बयान पर बवाल, KEM अस्पताल ने शुरू की जांच

अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है कि मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने डिमना चौक स्थित जल टंकी पर पहुंचकर वहां के कर्मचारियों को मेरे निशुल्क जल वितरण करने वाले टैंकरों को पानी नहीं देने का निर्देश दिया। यदि यह सत्य है, तो यह केवल राजनीतिक दुर्भावना नहीं बल्कि गरीबों और वंचितों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर मानगो की मेयर को उन गरीब परिवारों से क्या दुश्मनी है, जो वर्षों से इस निशुल्क सेवा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं? क्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इतनी बड़ी हो गई है कि आम जनता की मूलभूत आवश्यकता ‘पानी’ को भी राजनीति का हथियार बना दिया जाए?

मानगो नगर निगम बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी और जल संकट का स्थायी समाधान निकलेगा। लेकिन दुर्भाग्य से आज भी मानगो की दर्जनों बस्तियां पानी की समस्या से जूझ रही हैं। नगर निगम जहां लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में विफल साबित हुआ है, वहीं निजी प्रयासों से चल रही जनसेवा को भी बाधित किया जा रहा है।

मेरे टैंकरों द्वारा केवल जल संकटग्रस्त बस्तियों में ही नहीं, बल्कि शादी-विवाह, श्राद्धकर्म, धार्मिक आयोजनों एवं अन्य सामाजिक अवसरों पर भी जरूरतमंद लोगों को निशुल्क पानी उपलब्ध कराया जाता रहा है। यह सेवा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व के तहत की जाती रही है।

नगर निगम के टैंकरों की अपनी सीमाएं हैं और उनकी जलापूर्ति निर्धारित समय तक ही होती है, जबकि मेरे टैंकरों की सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रही है। अनेक अवसरों पर देर रात भी लोगों के फोन आने पर तत्काल पानी पहुंचाकर सहायता की गई है। ऐसे जनहितकारी कार्य को रोकना पूरी तरह अमानवीय, असंवेदनशील और जनविरोधी कदम है।

कांग्रेस की राजनीति हमेशा से तुष्टिकरण और जनहित की उपेक्षा के लिए जानी जाती रही है। आज मानगो में भी वही मानसिकता दिखाई दे रही है, जहां जनता की समस्या का समाधान करने के बजाय जनसेवा को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। जो लोग स्वयं पानी की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, वे दूसरों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों में भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

मैं मानगो की मेयर सुधा गुप्ता से पूछना चाहता हूं कि यदि नगर निगम प्रत्येक घर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने में सक्षम है, तो आज भी लोग पानी के लिए क्यों भटक रहे हैं? और यदि नगर निगम यह कार्य नहीं कर पा रहा है, तो फिर गरीबों को राहत पहुंचाने वाली निशुल्क जल सेवा को रोकने का औचित्य क्या है?

मैंने माननीय विधायक सरयू राय, माननीय सांसद विद्युत वरण महतो, नगर प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से भी आग्रह किया है कि इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल मेरे टैंकरों को पूर्ववत जल उपलब्ध कराने का निर्देश जारी करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि राजनीतिक दुर्भावना के कारण किसी भी जनसेवा कार्य में बाधा न उत्पन्न हो।

यदि शीघ्र ही इस विषय पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो जल संकट से जूझ रही बस्तियों के लोगों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाने पर भी विचार किया जाएगा।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version