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मस्ती की पाठशाला के बच्चों को एयर इंडिया एक्सप्रेस के सहयोग से जॉय फ्लाइट अनुभव प्रदान करने की पहल

By Aditi Pandey

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सोशल संवाद/डेस्क: मस्ती की पाठशाला के बच्चों के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से एक विशेष जॉय फ्लाइट अनुभव प्रदान करने की पहल ही गयी। इस पहल का उद्देश्य मौजूदा त्योहारों के मौसम की खुशी, उत्साह और जादू को जीवंत करना था। कई बच्चों के लिए यह जीवन में एक बार मिलने वाला अनोखा अनुभव रहा। यह पहल एयर इंडिया एक्सप्रेस और टाटा स्टील फाउंडेशन के बीच बच्चों और समुदायों के लिए सार्थक अवसर सृजित करने की साझेदारी की शुरुआत को भी दर्शाती है।

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लगभग 150 बच्चों ने टाटा स्टील फाउंडेशन के शिक्षकों और सहयोगियों के साथ रांची में एक विशेष रूप से तैयार किए गए विमानन अनुभव का आनंद लिया। दिन की शुरुआत सुबह-सुबह हुई, जब जमशेदपुर स्थित मस्ती की पाठशाला के परिसरों से बच्चों को बसों के माध्यम से बिरसा मुंडा हवाई अड्डा, रांची ले जाया गया।

आगमन के बाद बच्चों की एयर इंडिया एक्सप्रेस के नामित पायलटों और केबिन क्रू सदस्यों के साथ प्री-फ्लाइट संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र ने बच्चों को विमानन क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों से मिलने, उनसे सवाल पूछने और अपने भविष्य के सपनों को और ऊंची उड़ान देने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया। दोपहर 12:30 बजे बच्चों ने 45 मिनट की जॉय फ्लाइट की यात्रा शुरू की, जो अधिकांश बच्चों के लिए जीवन की पहली उड़ान थी।

यह यात्रा उन्हें सुरक्षित, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय रूप से विमानन की दुनिया से परिचित कराने वाली रही। उड़ान के दौरान परोसे गए भोजन ने इस अनुभव को और भी खास बना दिया और उत्सव जैसा माहौल बना दिया। इस पहल में टाटा स्टील फाउंडेशन ने आईटीआई तमाड़ में स्थल और भोजन की व्यवस्थाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान किया।

जॉय फ्लाइट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस के मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक सिंह ने कहा, “मस्ती की पाठशाला के बच्चों को उनकी पहली हवाई यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ सहयोग करके हमें अत्यंत खुशी हो रही है। बच्चों की आंखों में दिखने वाला उत्साह और आश्चर्य यह याद दिलाता है कि ऐसे क्षण उनके जीवन पर कितना गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। इस तरह के अनुभव यह भी सुदृढ़ करते हैं कि विमानन केवल स्थानों को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रा के रोमांच और जादू से भी जुड़ा हुआ है।”

इस अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन के सीईओ सौरव रॉय ने कहा, “टाटा स्टील फाउंडेशन में शिक्षा और बच्चों के समर्थन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मस्ती की पाठशाला जैसे संस्थानों को सशक्त बनाने के प्रयासों से प्रेरित है, जो जमीनी स्तर पर सीखने और आकांक्षाओं को पोषित करते हैं। बच्चों को पहली बार विमानन क्षेत्र का अनुभव करते देखना हमारे लिए अत्यंत हर्ष का विषय रहा, जिसने उनके लिए नई संभावनाओं और सपनों के द्वार खोले। एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ यह सहयोग बच्चों और समुदायों के लिए सीखने के अवसर सृजित करने और सकारात्मक परिणाम लाने की दिशा में एक साझेदारी की शुरुआत है।”

यह पहल बच्चों को केंद्र में रखकर यादगार और प्रभावशाली अनुभव गढ़ने की साझा प्रतिबद्धता को उजागर करती है तथा आने वाले वर्षों में एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ निरंतर और सशक्त साझेदारी की मजबूत नींव रखती है ताकि मिलकर बच्चों के जीवन में प्रेरणा, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का संचार किया जा सके।

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