सोशल संवाद/जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में मेडिसिन के मरीजों को दूसरे वार्डों में भी रखा जाएगा, ताकि कोल्हान के तीनों जिला के मरीजों को रखकर इलाज करने में सहूलियत हो। इससे आसपास के वार्ड में बेड लगाने की योजना है। मेडिसिन के मरीजों यानी सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द व दस्त के मरीजों को वार्ड में जगह मिलने से इमरजेंसी का बोझ कम होगा।
यह भी पढे:बिहार सरकार का Influencers को बड़ा ऑफर, सरकारी योजनाओं पर वीडियो बनाकर कमा सकेंगे ₹1 लाख
सूचना के अनुसार, अस्पताल – संचालन समिति की बैठक में भी – मेडिसिन वार्ड में लगभग 50 बेड बढ़ाने = का मुद्दा उठा था। इससे एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अधीक्षक अस्पताल के अधीक्षक राज्य स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार करेंगे। इससे पूर्व मरीजों को रखने की व्यवस्था की जा रही है। दूसरे वार्ड में बेड बढ़ने पर जांच संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी। मालूम हो कि, एमजीएम अस्पताल में रोज करीब 11 सौ मरीजों की पर्ची बनती है। इनमें 250-300 पर्ची सिर्फ मेडिसिन विभाग के मरीजों की होती है। अभी मेडिसिन वार्ड में सिर्फ 120 बेड की सुविधा है, जो कोल्हान के मरीजों से ज्यादातर फुल रहते हैं। जबकि, इमरजेंसी में 32 बेड के अलावा 18 स्ट्रेचर भी लगे हैं। इससे इमरजेंसी मरीज को तीन-चार दिन इमरजेंसी में रखे जाते हैं। स्थिति यह है कि इमरजेंसी में भर्ती मरीज को वार्ड में भेजने के लिए पूर्व से इलाजरत मरीज के डिस्चार्ज होने का इंतजार किया जाता है। हालांकि साकची के अस्पताल में मेडिसिन मरीजों की संख्या बढ़ने पर ईएनटी वार्ड में मरीज रखे जाते थे। लेकिन, डिमना अस्पताल भवन में स्वास्थ्य मुख्यालय की आदेश के बिना यह संभव नहीं है।
एमजीएम की जांच टीम में होगा बदलाव
एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आंतरिक विवाद की जांच टीम में बदलाव होगा। अध्यक्ष विश्वनाथ मल्लिक ने एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार को पत्र देकर जांच टीम में सभी वर्गों को शामिल करने की मांग की है। मालूम हो कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में विवाद के कारणों की जांच के लिए प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने जांच समिति का गठन किया था। इसमें कॉलेज के फिजियोलॉजी कर्मचारी सह झारखंड राज्य चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ को भी शामिल किया गया है। इससे कॉलेज के अध्यक्ष विश्वनाथ मल्लिक ने प्राचार्य को पत्र देकर समिति में उपायुक्त कार्यालय द्वारा मनोनित दो सदस्यों को शामिल करने पर जोर दिया है।









