सोशल संवाद / जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के गेट पर सोमवार की दोपहर एक प्रसूता ने बोलेरो गाड़ी में ही बच्ची को जन्म दे दिया. सही समय पर इसकी जानकारी मिलने पर अस्पताल के नर्सों ने आकर महिला को बच्ची के साथ गायनिक वार्ड में लेकर गयी, जहां जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं.
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ईचागढ़ सालुकडीह निवासी सुधीर महतो ने बताया कि सोमवार की सुबह उसकी पत्नी दीपाली महतो को प्रसव पीड़ा होने के बाद ईचागढ़ के तिरुलडीह स्वास्थ्य केंद्र में लेकर गये, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति बताते हुए एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया. स्वास्थ्य केंद्र में 108 नंबर की एंबुलेंस व ममता वाहन कुछ भी उपलब्ध नहीं हुआ. इसके बाद लगभग 3500 रुपये देकर प्राइवेट गाड़ी बेलोरो से एमजीएम लेकर आये. जैसे ही अस्पताल के गेट के पास पहुंचा, उसी दौरान गाड़ी में ही तेज प्रसव पीड़ा हुआ और बच्ची का जन्म हो गया. उसने बताया कि यह पहला बच्चा है.
गेट पर अचानक हुई इस घटना से परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. आस-पास मौजूद लोगों ने जब स्थिति देखी, तो तुरंत होमगार्ड जवानों ने अस्पताल प्रशासन और नर्सों को इसकी सूचना दी. इसकी जानकारी मिलते ही एमजीएम अस्पताल की नसें और स्वास्थ्यकर्मी बिना देरी किये स्ट्रेचर लेकर सीधे अस्पताल गेट पर पहुंचे. इसके बाद प्रसूता दीपाली और उसकी नवजात बच्ची को सुरक्षित तरीके से गायनिक वार्ड ले जाया गया. गायनिक वार्ड के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची और मां दोनों का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है. नवजात और उसकी मां दोनों का स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य है.









