सोशल संवाद / जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को जल्द ही पूरी तरह डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने लगेगा. अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री, पर्ची, जांच रिपोर्ट, भर्ती और डिस्चार्ज प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी है. सितंबर माह तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

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इस नयी व्यवस्था के शुरू होने से मरीजों को पर्ची बनवाने, रिपोर्ट लेने और डिस्चार्ज प्रक्रिया में पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा. स्वास्थ्य विभाग की ओर से एमजीएम अस्पताल को 25 नये कंप्यूटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इनके माध्यम से अस्पताल के ओपीडी, वार्ड, लैब और अन्य विभागों को एकीकृत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जायेगा. इसके बाद अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार होगा, जिसमें उसकी बीमारी, जांच, दवाएं, भर्ती और इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी सुरक्षित रहेगी.
किसी भी फॉलोअप या दोबारा इलाज के दौरान डॉक्टर एक क्लिक में मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे, जिससे उपचार अधिक प्रभावी और समयबद्ध हो सकेगा. अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से मरीजों को तेज, पारदर्शी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जबकि अस्पताल की कार्यप्रणाली भी पहले की तुलना में अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी.
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत एमजीएम अस्पताल में यह पूरी व्यवस्था लागू की जायेगी. यह पहल भविष्य में पेपरलेस और स्मार्ट हेल्थकेयर सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
डॉ बलराम झा, अधीक्षक, एमजीएम अस्पताल









