सोशल संवाद/डेस्क: महाराष्ट्र के लातूर जिले में सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। योजना के लिए पिछले छह महीने से बजट नहीं मिलने के कारण स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों का खाना जारी रखने के लिए शिक्षकों को अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
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शिक्षकों ने मिलकर उठाया भोजन का खर्च
रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी फंड नहीं मिलने के बावजूद शिक्षक बच्चों के भोजन की व्यवस्था जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षक आपस में पैसे जुटाकर भोजन का खर्च उठा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकारी राशि जारी होने के बाद उनके खर्च किए गए पैसे वापस मिल जाएंगे। हालांकि, फंड कब मिलेगा, इसे लेकर चिंता बनी हुई है।
सूखे ने बढ़ाई ग्रामीण परिवारों की परेशानी
लातूर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सूखे की स्थिति ने किसानों और खेतिहर मजदूरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फसल प्रभावित होने से किसानों की आमदनी पर असर पड़ा है, वहीं मजदूरों को भी पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में मिलने वाला मिड-डे मील बच्चों के पोषण के लिए अहम साबित हो रहा है।
शिक्षक बोले- बच्चों के भोजन में कमी नहीं आने देंगे
लातूर के शिक्षक जगन्नाथ पांढरे के मुताबिक, पिछले छह महीने से मिड-डे मील का बजट नहीं मिला है। इसके बावजूद शिक्षक मिलकर बच्चों के भोजन का खर्च उठा रहे हैं, ताकि उन्हें समय पर खाना मिलता रहे। शिक्षकों को उम्मीद है कि राशि जारी होने के बाद उन्हें खर्च की गई रकम वापस मिल जाएगी।
फंड में देरी से रसोइयों की परेशानी भी बढ़ी
मिड-डे मील योजना में फंड की देरी का असर केवल भोजन व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। महाराष्ट्र के अन्य जिलों से आई रिपोर्टों के अनुसार, रसोइयों के वेतन और भोजन बनाने के लिए जरूरी ईंधन व सब्जियों के खर्च को लेकर भी परेशानी सामने आई है। अधिकारियों ने फंड जारी करने की प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक देरी का उल्लेख किया है।
बच्चों के पोषण पर उठे सवाल
मिड-डे मील सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना है। फंड में लंबे समय तक देरी होने से भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। अब शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की नजर सरकारी राशि जारी होने पर टिकी है।











