---Advertisement---

पश्चिम-एशिया संकट पर मोदी बोले- होर्मुज का रास्ता रोकना नामंजूर:नागरिक-एनर्जी ठिकानों पर हमले का विरोध किया

By Riya Kumari

Published :

Follow
पश्चिम-एशिया संकट पर मोदी बोले- होर्मुज का रास्ता रोकना नामंजूर:नागरिक-एनर्जी ठिकानों पर हमले का विरोध किया

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा।

यह भी पढे : Assam Elections 2026 में JMM-कांग्रेस गठबंधन तय, 5 सीटों पर बनी सहमति, बढ़ेगा सियासी मुकाबला

पीएम ने कहा- ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।’

उन्होंने बताया कि अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।

मोदी की 6 बड़ी बातें, कहा- हम सभी देशों के सप्लायर्स से संपर्क में

तेल-गैस संकट पर: पिछले एक दशक में भारत ने संकट के समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। आज हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है। इसे बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक करने का काम चल रहा है। हमारी तेल कंपनियां अलग स्टोरेज रखती हैं।

अन्न-राशन पर: हमारे पास पर्याप्त अन्न भंडार है। आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। उस वक्त भी ग्लोबल सप्लाई चेन में कमी आई थी। भारत के किसानों को यूरिया की एक बोरी 300 रुपए से भी कम कीमत में दिलाई गई। तेल गैस फर्टिलाइजर से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचे, इसके लिए सहयोगियों से संवाद कर रहे हैं।

भारतीयों की सुरक्षा: संकट की घड़ी में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रही है। अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।

पॉवर सप्लाई पर: युद्ध का एक चैलेंज यह भी है कि देश में गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है। आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी। देश के पावर प्लांट में कोल स्टॉक उपलब्ध है। पावर जनरेशन से लेकर सप्लाई तक हर सिस्टम की मॉनीटरिंग की जा रही है।

एनर्जी सेक्टर पर: हम जानते हैं एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है। ग्लोबल नीड को पूरा करने वाला सोर्स वेस्ट एशिया है। भारत पर इस युद्ध से उत्पन्न दुष्प्रभाव का असर कम हो इसके लिए एक रणनीति से काम कर रहे हैं। भारत सरकार ने एक ग्रुप बनाया है जो हर रोज मिलता है जो आयात-निर्यात में आने वाली दिक्कतों पर निरंतर काम करता है।

जंग को लेकर: 

डिप्लोमेसी में भारत की भूमिका स्पष्ट है। हमने गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने वेस्ट एशिया के प्रमुखों से बात की है। सभी से तनाव कम करने की अपील की है। कॉमर्शियल जहाजों पर हमला और रुकावट अस्वीकार्य है। भारत सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---