सोशल संवाद / डेस्क : जेल में सजा काट रही महिला कैदियों के लिए मुरादाबाद जिला कारागार में एक नई पहल शुरू की गई है। यहां महिला कैदियों के लिए पहली बार डांस क्लास शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना, उनका मनोबल बढ़ाना और जेल के तनावपूर्ण माहौल में उन्हें सकारात्मक गतिविधि का अवसर देना है।
जेल प्रशासन की इस पहल के तहत महिला कैदियों को नियमित रूप से डांस सिखाया जाएगा। अधिकारियों और प्रशिक्षक का कहना है कि डांस सीखने के साथ महिलाएं अपना समय बेहतर तरीके से बिता सकेंगी और जेल से बाहर निकलने के बाद इसे रोजगार के रूप में भी अपना सकती हैं।
35 महिला कैदियों ने दिखाई डांस सीखने में रुचि
मुरादाबाद जिला कारागार में शुरू हुई इस डांस क्लास के लिए 35 महिला कैदियों ने रुचि दिखाई है। इन महिलाओं के नाम भी दर्ज किए गए हैं। अब उन्हें डांस की ट्रेनिंग दी जाएगी।
डांस प्रशिक्षक पूजा राणा के मुताबिक, जेल प्रशासन और वरिष्ठ जेल अधीक्षक के सहयोग से यह पहल शुरू की गई है। उनका कहना है कि महिलाओं को डांस की बारीकियां सिखाने के साथ उन्हें एक सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधि से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
डिप्रेशन और तनाव कम करने की कोशिश
जेल में लंबे समय तक परिवार से दूर रहने और सीमित माहौल में रहने के कारण कैदियों के लिए मानसिक तनाव एक चुनौती हो सकता है। ऐसे में डांस क्लास को महिलाओं के लिए मनोरंजन और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक माध्यम बनाया गया है।
प्रशिक्षक पूजा राणा ने बताया कि डांस के जरिए महिलाओं को व्यस्त रखने और उनके भीतर सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। क्लास के दौरान महिलाएं डांस सीखने के साथ अपना समय भी बेहतर तरीके से बिता सकेंगी।
जेल से बाहर निकलने के बाद बन सकता है रोजगार का जरिया
इस पहल का एक उद्देश्य महिला कैदियों को ऐसा हुनर सिखाना भी है, जिसका इस्तेमाल वे जेल से बाहर आने के बाद कर सकें। प्रशिक्षक के मुताबिक, महिलाएं आगे चलकर डांस क्लास शुरू करके या डांस सिखाकर कमाई कर सकती हैं।
इस तरह डांस ट्रेनिंग उनके लिए सिर्फ जेल के दौरान समय बिताने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य में रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कौशल भी बन सकती है।
पहली बार शुरू हुई महिला कैदियों के लिए डांस क्लास
मुरादाबाद जिला कारागार में महिला कैदियों के लिए इस तरह की डांस क्लास पहली बार शुरू की गई है। जेल प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को जेल के दौरान सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें भविष्य के लिए उपयोगी कौशल उपलब्ध कराना है।
अब 35 महिला कैदियों को डांस की नियमित ट्रेनिंग दी जाएगी। जेल से बाहर आने के बाद वे इस हुनर का इस्तेमाल अपनी पसंद और परिस्थितियों के अनुसार कर सकेंगी।











