सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने आज सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली नगर निगम द्वारा की गई सख्त कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में निगम प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सख़्त कार्यवाही करते हुए दक्षिणी क्षेत्र के उपायुक्त, अधीक्षक अभियंता (भवन), अधिशासी अभियंता (भवन), सहायक अभियंता (भवन) तथा कनिष्ठ अभियंता (भवन) को निलंबित कर दिया है। सम्भवतः यह पहली बार हुआ है कि दिल्ली नगर निगम के उपायुक्त से लेकर कनिष्ठ अभियंता तक सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है जो यह दर्शाता है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़े : AIIMS गोरखपुर में सीनियर रेजिडेंट के 42 पदों पर भर्ती
सत्य निकेतन की घटना अत्यंत गंभीर एवं दुखद है और इस प्रकार की घटना को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता, मामले की मजिस्ट्रेट जाँच भी चल रही है। यद्यपि यह भवन ख़तरनाक श्रेणी में नहीं था, भवन मालिक द्वारा वहाँ बेसमेंट में कार्य किया जा रहा था।
महापौर ने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि नागरिक अपने घरों अथवा व्यावसायिक परिसरों में किसी भी प्रकार की ऐसी छेड़छाड़ न करें, जिससे भवन की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो और जान-माल के लिए खतरा उत्पन्न हो। भवन के पिलर, बीम, कॉलम, स्लैब तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं में बिना विशेषज्ञ सलाह एवं नियमानुसार अनुमति के किसी भी प्रकार का बदलाव करना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भवन की मूल संरचना से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने से बचें और निर्धारित भवन उप-नियमों का पूरी तरह पालन करें।
महापौर प्रवेश वाही ने स्पष्ट किया कि भवन उप-नियमों का उल्लंघन करते हुए अथवा चार मंजिल से अधिक भवन का निर्माण किए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में इस प्रकार की अनधिकृत गतिविधियां सामने आएंगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
महापौर ने बताया कि दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने भी सत्य निकेतन की घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक नए दिशा-निर्देश तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के तहत यदि कोई मकान मालिक अपने भवन में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित करता है, तो भवन की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक किए जाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यावसायिक गतिविधियों के कारण भवन की संरचना पर अतिरिक्त भार या किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र द्वारा निर्माणाधीन एवं जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।उन्होंने कहा कि सभी निर्माण स्थलों पर भवन मालिक एवं बिल्डर द्वारा स्वीकृत भवन योजना के अनुरूप ही निर्माण कार्य कराया जाना अनिवार्य है। इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों, सावधानियों एवं सुरक्षा उपायों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महापौर ने बताया कि दिल्ली नगर निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को खतरनाक एवं जर्जर भवनों का ताजा सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे भवनों की पहचान करने के लिए कहा गया है जिनसे वहां रहने वाले नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान चिन्हित किए जाने वाले भवनों की स्थिति का गंभीरता से आकलन किया जाएगा तथा ऐसे भवनों के संबंध में दिल्ली नगर निगम अधिनियम एवं अन्य लागू नियमों के तहत तत्काल नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
महापौर ने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल हादसा होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं की पहचान कर उन्हें पहले ही रोकना है। इसके लिए भवनों की स्थिति की निगरानी, अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई और जर्जर भवनों की पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है।
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि भवन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भवन निर्माण एवं भवन सुरक्षा से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां बिना किसी दबाव के नियमानुसार कार्रवाई करें।
महापौर श्री प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम नागरिकों की सुरक्षा एवं जनहित से जुड़े विषयों पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सत्य निकेतन जैसी दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। भवन निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी।”









