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NCERT New Book: अब 9वीं के छात्र पढ़ेंगे 1975 का आपातकाल, नई किताब में शामिल हुआ इमरजेंसी चैप्टर

By Tamishree Mukherjee

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NCERT Emergency Chapter
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सोशल संवाद / डेस्क : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9वीं के लिए सोशल साइंस की नई किताब जारी की है, जिसमें पहली बार वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल (Emergency) को विस्तार से शामिल किया गया है। नई पुस्तक ‘Understanding Society: India and Beyond-Part 1’ के जरिए छात्रों को भारतीय लोकतंत्र के सबसे चर्चित और विवादास्पद दौर के बारे में शुरुआती स्तर पर जानकारी दी जाएगी।

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अब तक आपातकाल से जुड़ी पढ़ाई मुख्य रूप से उच्च कक्षाओं और विश्वविद्यालय स्तर पर होती थी, लेकिन नई शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम सुधारों के तहत इसे अब स्कूली शिक्षा में भी शामिल किया गया है।

9वीं के छात्रों को पढ़ाया जाएगा आपातकाल का इतिहास

NCERT की नई किताब में 1975-77 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक बताया गया है। छात्रों को सरल भाषा में समझाया गया है कि आपातकाल क्या होता है, इसे कब और किन परिस्थितियों में लागू किया जाता है तथा भारतीय संविधान में इसके क्या प्रावधान हैं। इस अध्याय का उद्देश्य छात्रों को लोकतंत्र, मौलिक अधिकारों, न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं के महत्व से परिचित कराना है।

आपातकाल से पहले की परिस्थितियों को भी समझाया गया

किताब में केवल आपातकाल लागू होने की घटना ही नहीं, बल्कि उसके पीछे की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है।

छात्रों को बताया जाएगा कि उस समय देश में बढ़ती महंगाई, राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जन आंदोलनों ने किस तरह माहौल को प्रभावित किया था। विशेष रूप से जयप्रकाश नारायण (जेपी) आंदोलन को इस दौर की महत्वपूर्ण घटना के रूप में शामिल किया गया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का भी जिक्र

नई NCERT पुस्तक में उस ऐतिहासिक कानूनी फैसले का भी उल्लेख किया गया है जिसने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी थी।

किताब के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया था। इस फैसले के बाद राजनीतिक परिस्थितियां और अधिक तनावपूर्ण हो गईं। इसके बाद 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया।

21 महीने बाद हुई लोकतंत्र की वापसी

अध्याय में छात्रों को यह भी बताया गया है कि आपातकाल लगभग 21 महीनों तक लागू रहा। इस दौरान कई नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे।

जनवरी 1977 में आम चुनावों की घोषणा की गई और मार्च 1977 में आपातकाल समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह बहाल हुई। किताब में इस दौर को भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और जनता की लोकतांत्रिक शक्ति का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया है।

लोकतंत्र और संविधान की समझ बढ़ाने की पहल

NCERT का मानना है कि छात्रों को कम उम्र में ही भारत के लोकतांत्रिक इतिहास और संवैधानिक प्रक्रियाओं की जानकारी मिलनी चाहिए। नई किताब के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतंत्र के उतार-चढ़ाव, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा।

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