सोशल संवाद / रांची : नीति आयोग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में एनसीईआरटी का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड की 32 जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं।
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ऐसे में राज्य में एनसीईआरटी का एक क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय भाषाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध हो सके। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि एआईसीटीई, एनसीईआरटी, यूजीसी और नेशनल मेडिकल काउंसिल जैसे राष्ट्रीय मानकों में राज्यों की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक लचीलापन दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सारथी योजना, गुरुकुल ट्रेनिंग मॉडल और बिरसा स्कील सेंटर के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एआई, ईवी, रॉबोटिक्स और अन्य भविष्य आधारित क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बीओसीडब्लू योजना में राज्यों को अधिक लचीलापन देने का आग्रह भी किया।
केंद्र सरकार से प्रमुख मांगें :
- जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी की जाए
- कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई
- डीएमएफडी के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई
- भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया
- स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत करने पर बल दिया गया
- पीपीपी मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है, शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए
- झारखंड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए









