सोशल संवाद / डेस्क : NEET 2026 पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है। यह फैसला परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बहाल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बड़ा बदलाव
सरकारी सूत्रों के अनुसार, NTA में व्यापक स्तर पर पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एजेंसी अब साइबर सुरक्षा, फोरेंसिक जांच, परीक्षा केंद्र संचालन और मूल्यांकन प्रणाली जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों की नियुक्ति करेगी। इसके लिए नए वरिष्ठ अधिकारियों और यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती भी की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
NEET 2026 पेपर लीक के बाद बढ़ा था विवाद
NEET 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद केंद्र सरकार और NTA पर सुधारात्मक कदम उठाने का दबाव बढ़ा।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक ही मामला सीमित नहीं रहेगा। जिन अधिकारियों की भूमिका जांच में संदिग्ध पाई जाएगी, उनके खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों का भरोसा बहाल करने की कोशिश
NTA का कहना है कि एजेंसी का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। नए सुधारों के तहत तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने, परीक्षा केंद्रों की निगरानी बढ़ाने और जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे भविष्य में NEET समेत अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।









