Dr Abhishek Child Care

CBSE Talkathon: ड्रग्स से बचाव और Mental Health पर छात्रों से चर्चा, Peer Pressure को लेकर जागरूकता

By Riya Kumari

Published :

Follow
CBSE Talkathon: ड्रग्स से बचाव और Mental Health पर छात्रों से चर्चा, Peer Pressure को लेकर जागरूकता
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों के बीच Drug Abuse Prevention, Mental Health और Peer Pressure को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक Talkathon का आयोजन किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों और छात्रों ने युवाओं के सामने आने वाली सामाजिक और शैक्षणिक चुनौतियों पर चर्चा की।

यह भी पढे : NEET MDS 2026 Round 2 Counselling: रजिस्ट्रेशन शुरू, उम्मीदवार ऐसे करें आवेदन

Peer Pressure पर हुई चर्चा

कार्यक्रम में Peer Pressure यानी साथियों के दबाव के कारण युवाओं के फैसलों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बातचीत की गई। किशोरावस्था में दोस्तों और आसपास के लोगों का प्रभाव कई बार निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

ऐसे में स्कूलों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को सही जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

Mental Health भी शिक्षा का अहम हिस्सा

Talkathon में छात्रों की Mental Health से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पढ़ाई का दबाव, सामाजिक परिस्थितियां और भविष्य को लेकर चिंता जैसी समस्याएं कई छात्रों के लिए चुनौती बन सकती हैं।

विशेषज्ञों और शिक्षकों के मार्गदर्शन से छात्रों को अपनी परेशानियों के बारे में खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर भरोसेमंद लोगों से मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

Drug Abuse को लेकर Awareness जरूरी

कार्यक्रम में Substance Abuse और Drug Abuse Prevention को लेकर जागरूकता पर भी जोर दिया गया। छात्रों को नशीले पदार्थों से जुड़े जोखिमों और इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी देना ऐसे कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

CBSE का यह Talkathon युवाओं के बीच नशे से बचाव, मानसिक स्वास्थ्य और बेहतर Wellbeing को लेकर जागरूकता बढ़ाने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है।

स्कूल और परिवार की अहम भूमिका

छात्रों की मानसिक और सामाजिक जरूरतों को समझने में स्कूल और परिवार दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। खुले संवाद का माहौल छात्रों को अपनी समस्याएं साझा करने में मदद कर सकता है।

जरूरत पड़ने पर छात्रों को शिक्षकों, अभिभावकों या योग्य पेशेवरों से मार्गदर्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version