सोशल संवाद / जमशेदपुर : बदलते दौर में केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल और व्यवहारिक ज्ञान ही युवाओं को बेहतर भविष्य दिला सकता है। इसी सोच के साथ सोना देवी विश्वविद्यालय ने छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने अनुदीप फाउंडेशन (Anudip Foundation) के साथ समझौता कर विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है।
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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में सिर्फ डिग्री हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है। सफलता के लिए ज्ञान के साथ-साथ कौशल, अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और लगातार सीखते रहने की आदत भी उतनी ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि रोजगार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और नई तकनीकों के साथ नए अवसर भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में युवाओं को समय के साथ खुद को अपडेट करना होगा और नए कौशल सीखने पर विशेष ध्यान देना होगा।
कुलाधिपति ने छात्रों से प्रशिक्षण के हर अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो रोजगार पाने के साथ-साथ भविष्य में रोजगार देने की क्षमता भी विकसित कर सकें।
उन्होंने बताया कि सोना देवी विश्वविद्यालय और अनुदीप फाउंडेशन के बीच हुआ यह समझौता 4 अगस्त 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, तकनीकी प्रशिक्षण, संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास और रोजगार से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनिंग दी जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी। प्रशिक्षण के जरिए छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे उन्हें नौकरी पाने में आसानी होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष श्रीमती मोनिका सिंह, प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती पूजा तिवारी, संजीव कुमार (रीजनल मैनेजर), राजू मिश्रा (सीनियर मैनेजर – प्लेसमेंट), भावेश कांति (क्लस्टर मैनेजर) सहित विश्वविद्यालय और अनुदीप फाउंडेशन के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय ने उम्मीद जताई कि इस पहल का लाभ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और महिलाओं को मिलेगा। साथ ही यह साझेदारी कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।









