सोशल संवाद/डेस्क: Andhra Pradesh में गिरती प्रजनन दर को लेकर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने नई जनसंख्या प्रबंधन नीति का प्रस्ताव रखा है। सरकार का मानना है कि कम होती जन्म दर भविष्य में आर्थिक विकास के लिए चुनौती बन सकती है, इसलिए अब जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

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विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की कुल प्रजनन दर जो 1993 में 3.0 थी, वह घटकर अब लगभग 1.5 रह गई है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले वर्षों में युवा कार्यबल की कमी हो सकती है और राज्य को जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की तरह बढ़ती बुजुर्ग आबादी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
प्रस्तावित नीति के तहत तीसरे बच्चे के जन्म पर विशेष प्रोत्साहन देने की योजना है। इसके तहत परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही बच्चे को पांच साल तक हर महीने एक हजार रुपये और 18 वर्ष की आयु तक मुफ्त शिक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी।
महिलाओं के लिए मातृत्व केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ आईवीएफ सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके अलावा राज्य में हर 50 बच्चों पर चाइल्ड केयर सेंटर और पिंक टॉयलेट बनाने की योजना है। विशाखापत्तनम में कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़े हॉस्टल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
सरकार की योजना के अनुसार माता को 12 महीने और पिता को 2 महीने का अवकाश देने का भी प्रावधान होगा। इस नीति को अंतिम रूप मार्च के अंत तक देकर 1 अप्रैल से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि यह पहल राज्य को भविष्य में संभावित जनसंख्या संकट से बचाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।









