सोशल संवाद / डेस्क : ब्रेस्ट कैंसर को लेकर एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शोध के अनुसार, जब ब्रेस्ट कैंसर फेफड़ों तक फैलता है, तो यह शरीर के प्राकृतिक रिपेयर सिस्टम का ही इस्तेमाल कर तेजी से बढ़ने लगता है।
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क्या कहती है नई रिसर्च?
हाल ही में वैज्ञानिकों ने पाया कि ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाएं (cells) फेफड़ों के नेचुरल हीलिंग सिस्टम को “हाइजैक” कर लेती हैं।
जब फेफड़ों के छोटे एयर सैक्स (alveoli) को नुकसान पहुंचता है, तो शरीर उन्हें ठीक करने की प्रक्रिया शुरू करता है। लेकिन कैंसर सेल्स इस प्रक्रिया का फायदा उठाकर अपने विकास को बढ़ा लेती हैं।
कैसे फैलता है कैंसर?
रिसर्च में सामने आया कि:
- कैंसर कोशिकाएं फेफड़ों में पहुंचकर नुकसान करती हैं
- शरीर रिपेयर मोड में चला जाता है
- यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है
- इससे सूजन (inflammation) बढ़ती है और ट्यूमर को बढ़ने में मदद मिलती है
यानी शरीर की जो प्रक्रिया हमें बचाने के लिए होती है, वही कैंसर के लिए “सपोर्ट सिस्टम” बन जाती है।
बनता है खतरनाक चक्र
वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि कैंसर सेल्स और फेफड़ों की कोशिकाओं के बीच एक तरह का कम्युनिकेशन लूप बन जाता है:
- कैंसर सेल्स फेफड़ों को एक्टिव करती हैं
- फेफड़े ऐसी चीजें रिलीज करते हैं जो ट्यूमर को बढ़ाती हैं
- इससे कैंसर तेजी से फैलता है
इलाज में नई उम्मीद
रिसर्च के दौरान एक एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा Roflumilast पर भी परीक्षण किया गया।
- यह दवा सीधे कैंसर को नहीं मारती
- बल्कि फेफड़ों के उस माहौल को बदल देती है, जिससे ट्यूमर को बढ़ने में मदद मिलती है
- इससे ट्यूमर की ग्रोथ धीमी पाई गई
क्यों खतरनाक है फेफड़ों में फैलना?
डॉक्टरों के अनुसार, जब ब्रेस्ट कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों खासकर फेफड़ों में फैल जाता है, तो इसका इलाज ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
- करीब एक-तिहाई मरीजों में फेफड़ों में फैलने के मामले सामने आते हैं
- इस स्टेज पर बीमारी अधिक गंभीर हो जाती है
यह नई रिसर्च बताती है कि कैंसर सिर्फ शरीर पर हमला नहीं करता, बल्कि शरीर की ही सुरक्षा प्रणाली को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है।
आने वाले समय में इस खोज के आधार पर ऐसे इलाज विकसित हो सकते हैं, जो सिर्फ कैंसर सेल्स ही नहीं, बल्कि उनके “सपोर्ट सिस्टम” को भी निशाना बनाएंगे।









