सोशल संवाद / डेस्क : नेपाल सीमा शुल्क विभाग ने भारत से नेपाल जाने वाले वाहन चालकों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब नेपाल में प्रवेश करने वाले वाहन चालकों को पहचान पत्र (ID Proof) के साथ ऑनलाइन अस्थायी वाहन घोषणा (Temporary Vehicle Declaration) करना अनिवार्य होगा। इस फैसले के बाद सीमा क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है।
यह भी पढे : सोना ₹9,000 और चांदी ₹18,000 महंगी:इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% करने का असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय वाहन चालकों को अब वैध पहचान पत्र, वाहन पंजीकरण दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखना होगा। इसके अलावा नेपाल कस्टम विभाग की ऑनलाइन प्रणाली के जरिए वाहन की जानकारी पहले से दर्ज करनी होगी।
नेपाल सरकार ने हाल ही में सड़क मार्ग से आने वाले भारतीय और विदेशी वाहनों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली शुरू की है। इस डिजिटल व्यवस्था के तहत वाहन मालिक घर बैठे Temporary Import Vehicle (TIV) परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं और ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं। आवेदन पूरा होने के बाद QR कोड जारी किया जाएगा, जिसे सीमा पर दिखाना अनिवार्य होगा।
बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार के सीतामढ़ी स्थित भिट्ठामोड़ बॉर्डर समेत कई सीमा क्षेत्रों में यात्रियों और व्यापारियों को अतिरिक्त दस्तावेजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। कई लोगों ने ऑनलाइन प्रक्रिया और दस्तावेज जांच को लेकर परेशानी की शिकायत भी की है।
हालांकि नेपाल सरकार की ओर से बाद में यह भी स्पष्ट किया गया कि भारतीय नागरिकों के लिए नेपाल यात्रा पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और सामान्य यात्रा नियम पहले जैसे ही हैं। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही कुछ भ्रामक खबरों का खंडन भी किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल सरकार का यह कदम सीमा प्रबंधन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि बॉर्डर पर लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम किया जा सके।










