सोशल संवाद/डेस्क : दिव्यांग यात्रियों को रियायती टिकट के लिएरेलवेकाउंटरों के चक्कर काटने और बार-बार फॉर्म भरने से मुक्ति मिल गई है। रेलवे के अलग से फोटो पहचान पत्र (पास) बनवाने की भी जरूरत नहीं है। अब वे देश के एकमात्र डिजिटल स्वावलंबन कार्ड (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र) से ही घर बैठे ऑनलाइन रियायती टिकट बुक कर सकते हैं।
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यह व्यवस्था सोमवार से प्रभावी हो गई है। रेलवे बोर्ड ने इस बाबत सभी जोनल रेलवे को आदेश जारी कर दिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए नियम से देश के 1.5 करोड़ दिव्यांग नागरिकों का सफर सुगम बनेगा। इस नए नियम को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) और आईआरसीटीसी के केंद्रीय डेटाबेस से सीधे जोड़ दिया गया है। इससे टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म होंगी। फर्जी सर्टिफिकेट के फर्जीवाड़े और दलालों की पैठ पर भी लगाम लगेगी।









