सोशल संवाद / डेस्क : देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप में नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा समूह की छह कंपनियों के बोर्ड से इस्तीफा देंगे। इसके पीछे टाटा समूह की गैर-कार्यकारी निदेशकों के लिए निर्धारित रिटायरमेंट नीति है। नोएल टाटा 12 नवंबर 2026 को 70 वर्ष के हो जाएंगे। ऐसे में समूह के नियमों के अनुसार उन्हें कई कंपनियों के बोर्ड से हटना होगा।
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हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नोएल टाटा की टाटा समूह में भूमिका समाप्त हो जाएगी। वह टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में बने रहेंगे और समूह के महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भागीदारी जारी रहेगी।
टाटा समूह की इन कंपनियों से हटेंगे नोएल टाटा
नोएल टाटा वर्तमान में टाटा समूह की कई सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों से जुड़े हुए हैं। इनमें ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और टाटा इंटरनेशनल जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा वह टाटा स्टील और टाइटन कंपनी में वाइस-चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
रिटायरमेंट नीति के तहत इन छह कंपनियों के बोर्ड से उनके हटने की बात सामने आई है।
| कंपनी | मौजूदा भूमिका |
|---|---|
| ट्रेंट लिमिटेड | गैर-कार्यकारी निदेशक |
| वोल्टास लिमिटेड | गैर-कार्यकारी निदेशक |
| टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन | गैर-कार्यकारी निदेशक |
| टाटा इंटरनेशनल | गैर-कार्यकारी निदेशक |
| टाटा स्टील | वाइस-चेयरमैन |
| टाइटन कंपनी | वाइस-चेयरमैन |
इन पदों से हटने के बाद संबंधित कंपनियों में बोर्ड और नेतृत्व से जुड़ी नई नियुक्तियां की जा सकती हैं। हालांकि, उत्तराधिकार को लेकर औपचारिक घोषणाएं अभी बाकी हैं।
12 नवंबर को 70 साल के होंगे नोएल टाटा
टाटा समूह की कॉर्पोरेट गवर्नेंस नीति के अनुसार गैर-कार्यकारी निदेशकों के लिए रिटायरमेंट की आयु 70 वर्ष निर्धारित है। वहीं, कार्यकारी निदेशकों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष रखी गई है। नोएल टाटा 12 नवंबर 2026 को अपना 70वां जन्मदिन मनाएंगे। इसी वजह से समूह की ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड से उनके हटने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
टाटा संस के बोर्ड में बने रहेंगे नोएल टाटा
छह कंपनियों के बोर्ड से हटने के बावजूद नोएल टाटा टाटा संस के बोर्ड में बने रहेंगे। वह यहां टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। टाटा संस समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है। इसमें टाटा ट्रस्ट्स की लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस कारण टाटा संस के बोर्ड में नोएल टाटा की मौजूदगी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
ट्रेंट हाइपरमार्केट में भी जारी रहेगी भूमिका
नोएल टाटा ट्रेंट हाइपरमार्केट लिमिटेड से भी जुड़े रहेंगे। यह ट्रेंट और ब्रिटेन की रिटेल कंपनी टेस्को का संयुक्त उद्यम है। इसके अंतर्गत स्टार बाजार और स्टार डेली जैसी रिटेल चेन संचालित की जाती हैं। इससे स्पष्ट है कि कुछ कंपनियों के बोर्ड से हटने के बावजूद टाटा समूह के रिटेल कारोबार से उनका जुड़ाव पूरी तरह समाप्त नहीं होगा।
टाटा स्टील और टाइटन में नए वाइस-चेयरमैन की नियुक्ति पर नजर
नोएल टाटा के बोर्ड से हटने के बाद टाटा स्टील और टाइटन जैसी प्रमुख कंपनियों में वाइस-चेयरमैन पदों को लेकर नए फैसले होने की संभावना है। वहीं, ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इंटरनेशनल और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में भी बोर्ड की संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, इन पदों पर किसे जिम्मेदारी दी जाएगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
टाटा समूह के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
टाटा समूह में कॉर्पोरेट गवर्नेंस, बोर्ड नियुक्तियों और नेतृत्व की निरंतरता को लेकर समय-समय पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते रहे हैं। नोएल टाटा का छह कंपनियों के बोर्ड से हटना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े कारोबारी समूहों में निर्धारित रिटायरमेंट नियमों का पालन करना संस्थागत अनुशासन और पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण होता है।
क्या टाटा समूह में नोएल टाटा का प्रभाव कम होगा?
नोएल टाटा के छह कंपनियों के बोर्ड से हटने को उनकी पूर्ण सेवानिवृत्ति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वह टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन बने रहेंगे और टाटा संस के बोर्ड में भी उनकी भूमिका जारी रहेगी। ऐसे में टाटा समूह की भविष्य की रणनीति और महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट फैसलों में उनकी भागीदारी बनी रहने की संभावना है। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि टाटा स्टील, टाइटन, ट्रेंट और अन्य कंपनियों में उनके स्थान पर किन नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जाती है।










