सोशल संवाद / जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल शुरू की है. जिले के छह प्रखंडों में जल्द ही सरकारी कियोस्क (दुकान) बनकर तैयार होंगे. इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बेरोजगार युवाओं को उनके ही गांव में आजीविका का साधन उपलब्ध कराना और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है. सूत्रों के मुताबिक सबकुछ ठीक रहा

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तब आगामी एक से डेढ़ माह के अंदर कियोस्क का निर्माण शुरू किया जायेगा.
तीन महीने में धरातल पर उतरेगी योजनाः
जिला प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए तीन महीने की समय सीमा निर्धारित की है. शुरुआती चरण में छह प्रखंडों की छह पंचायतों का चयन किया गया है. इन कियोस्क के निर्माण पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
चयन में बरती जायेगी पारदर्शिता
कियोस्क के सफल संचालन के लिए योग्य लाभार्थियों का चयन प्रखंड और जिला प्रशासन के समन्वय से किया जाएगा. इसके लिए एक इन पंचायतों का हुआ चयन पारदर्शी आदर्श मापदंड तय किया गया है, ताकि पंचायत के सबसे जरूरतमंद और योग्य बेरोजगार युवा को ही यह अवसर मिल सके.
चयन किया गया है. निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एनआरइपी के इंजीनियरों की निगरानी में काम होगा. तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है.
कियोस्क निर्माण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में एनआरइपी का जिले के विभिन्न प्रखंडों में कियोस्क निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर इसे समय पर पूरा कर लिया जायेगा. यह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम है : हमिरा सोरेन, कार्यपालक अभियंता एनआरइपी (पूर्वी सिंहभूम)
- इन पंचायत का हुआ चयन
- पुडरहासा (जमशेदपुर प्रखंड)
- लावा पंचायत (पटमदा प्रखंड)
- खाड़ियासाई (पोटका प्रखंड:
- बदिया पंचायत मुसाबनी प्रखंड)
- चारचक्का (धालभूमगढ़ प्रखंड)
- मोहनपुर (बहरागोड़ा प्रखंड)










