सोशल संवाद / घाटशिला : राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की ओर से घाटशिला स्थित कीताडीह गांव में सतर्कता जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को ईमानदारी, पारदर्शिता, नैतिकता और नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को रेखांकित किया गया।
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सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता पर दिया जोर
कार्यक्रम का आयोजन बंगला विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंजना बनर्जी के नेतृत्व में किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक या प्रशासनिक समस्या नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक विश्वास, समान अवसर और विकास की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। इसे रोकने के लिए नागरिकों का जागरूक और जिम्मेदार होना आवश्यक है।
डॉ. शिवचन्द्र झा ने बताया नैतिक मूल्यों का महत्व
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी एवं राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवचन्द्र झा ने कहा कि सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता लोकतांत्रिक समाज के मूल आधार हैं। भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण केवल कानून और प्रशासन के माध्यम से नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाकर भी किया जा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना और नई पीढ़ी में नैतिक चेतना विकसित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
दैनिक जीवन में ईमानदारी अपनाने की अपील
वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के सहायक अध्यापक कुंदन रंजन तिवारी ने भी अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की छोटी-छोटी ईमानदार पहल भी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। प्रत्येक नागरिक को निष्पक्षता अपनानी चाहिए, अनुचित लाभ लेने से बचना चाहिए और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए।
उन्होंने नैतिक मूल्यों को दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में अपनाने पर जोर दिया।
NSS स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को किया जागरूक
अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों के बीच सत्यनिष्ठा और ईमानदारी का संदेश प्रसारित किया। ग्रामीणों को बताया गया कि भ्रष्टाचार के कारण विकास योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचने में बाधाएं आ सकती हैं। इसके अलावा सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग और सामाजिक असमानता जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
स्वयंसेवकों ने लोगों को नियमों का पालन करने, अनुचित लाभ से दूर रहने और सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया गया और उन्हें समाज में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
सुश्री पतत्रि माली ने किया कार्यक्रम का समन्वय
कार्यक्रम का समन्वय राष्ट्रीय सेवा योजना की नोडल पदाधिकारी एवं कृषि विज्ञान विभाग की सहायक अध्यापक सुश्री पतत्रि माली ने किया। अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनचेतना विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन में अपनाया जाने वाला सिद्धांत है। ईमानदारी, पारदर्शिता और नागरिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देकर ही न्यायपूर्ण, जिम्मेदार और समृद्ध समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।










