सोशल संवाद / जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रखरखाव के लिए आधुनिक कोचिंग डिपो बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस परियोजना के लिए रेलवे की लोको कॉलोनी में करीब 40 साल पुराने क्वार्टर तोड़े जाएंगे। इसके साथ ही रेलवे की जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को भी हटाने की योजना बनाई गई है।
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रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने कोचिंग डिपो के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित डिपो टाटानगर स्टेशन और न्यू इलेक्ट्रिक लोको शेड के पास विकसित किया जाएगा। यहां वंदे भारत ट्रेनों के कोचों की तकनीकी जांच, नियमित रखरखाव और धुलाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
लोको कॉलोनी और परसुडीह में हटेगा अतिक्रमण
रेलवे की योजना के तहत लोको कॉलोनी में 400 से अधिक और परसुडीह में रेलवे लाइन के किनारे बसी बस्तियों में 270 से ज्यादा लोगों को पहले जमीन खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है। इसके अलावा, हल्दीपोखर मार्ग की ओर खाली कोच खड़े करने के लिए स्टेबलिंग लाइन बनाने की भी योजना है। इसके लिए भी रेलवे की जमीन खाली कराई जाएगी।
टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास के लिए भी जमीन की जरूरत
टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास के तहत सड़क, पार्किंग और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाना है। इसके लिए रेलवे को करीब 45 हजार वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। इस योजना के तहत जुगसलाई की ओर गुदड़ी बाजार और मेन रोड की कुछ दुकानों पर भी कार्रवाई की संभावना है। रेलवे की जमीन पर लीज के नियमों के विरुद्ध बनी दुकानों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव को मिलेगी सुविधा
आधुनिक कोचिंग डिपो बनने से टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, खाली कोचों के लिए अलग स्टेबलिंग लाइन बनने से स्टेशन और यार्ड की लाइनों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। रेलवे की इन योजनाओं का उद्देश्य स्टेशन की सुविधाओं का विस्तार करना और भविष्य में बढ़ते रेल परिचालन की जरूरतों को पूरा करना है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की सटीक तारीख की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।










