सोशल संवाद / रांची: झारखंड के होमगार्ड जवानों के सामने मानदेय भुगतान का संकट बना हुआ है। राज्य में बड़ी राशि बकाया होने के कारण जवानों को अपने मेहनताने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, लंबित भुगतान का आंकड़ा 5 करोड़ रुपये से अधिक है।
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कई होमगार्ड जवानों का भुगतान लंबित
होमगार्ड जवान विभिन्न महत्वपूर्ण ड्यूटी में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करते हैं। इसके बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलने से जवानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक गृह रक्षक को प्रतिदिन करीब 1,600 रुपये के हिसाब से मानदेय मिलता है। पांच दिनों के हिसाब से करीब 8,000 रुपये का भुगतान बनता है।
बकाया भुगतान को लेकर बढ़ी चिंता
मानदेय में देरी का असर सीधे तौर पर होमगार्ड जवानों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। जवानों की मांग है कि लंबित राशि का जल्द भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके।
होमगार्ड जवान कानून-व्यवस्था, यातायात, सरकारी कार्यक्रमों और अन्य आवश्यक सेवाओं में प्रशासन के साथ जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में समय पर मानदेय भुगतान को लेकर सवाल उठ रहे हैं।










