सोशल संवाद / पटना: बिहार में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण पटना और आसपास के दियारा इलाकों में हजारों परिवार मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। कई जगहों पर लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। इसी बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों के बीच राहत पहुंचाने में जुटे हैं।
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पप्पू यादव ने पटना के बाढ़ प्रभावित दियारा इलाकों से अपने राहत अभियान की शुरुआत की। वे दीघा और एलसीटी घाट के आसपास उन परिवारों के बीच पहुंचे, जो बाढ़ के कारण अपना घर छोड़कर सड़क किनारे और दूसरे सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। रात से सुबह तक प्रभावित लोगों के बीच रहकर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर आर्थिक सहायता के साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराई।
इसके बाद पप्पू यादव दानापुर के दियारा क्षेत्र में पहुंचे। यहां बाढ़ के पानी के बीच लोगों का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित है। स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उन्होंने भोजन, पीने के पानी और दूसरी जरूरी चीजों की जरूरत के बारे में जानकारी ली। जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री पहुंचाई गई और आर्थिक सहायता भी दी गई। दानापुर दियारा में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां बाढ़ के साथ सांप के काटने और जंगली जानवरों के हमले जैसी परेशानियां भी लोगों के सामने आ रही हैं।
पप्पू यादव का राहत अभियान इसके बाद वैशाली के राघोपुर दियारा तक पहुंचा। बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर का सहारा लिया और लोगों के बीच जाकर उनकी स्थिति जानी। यहां भी बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने को अपनी प्राथमिकता बताया और प्रशासन से भी राहत एवं बचाव अभियान तेज करने की मांग की।
पप्पू यादव का यह दौरा महज बाढ़ की स्थिति देखने तक सीमित नहीं रहा। प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उन्होंने उनकी तत्काल जरूरतों को समझने की कोशिश की और अपनी ओर से मदद उपलब्ध कराई। कहीं राशन और पानी पहुंचाया गया तो कहीं आर्थिक सहायता देकर परिवारों को तत्काल राहत देने का प्रयास किया गया।
पटना से दानापुर और फिर राघोपुर तक पप्पू यादव लगातार उन इलाकों में पहुंच रहे हैं जहां बाढ़ का असर सबसे ज्यादा है। उनका कहना है कि बाढ़ के समय सबसे जरूरी चीज है कि राहत सही समय पर सही व्यक्ति तक पहुंचे। इसी वजह से वे खुद प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और अपनी ओर से राहत पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
बिहार में बाढ़ की व्यापक स्थिति की बात करें तो 9 सितंबर तक राज्य के 14 जिलों में 40 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि कुछ नदियों का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन कई इलाकों में अब भी लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
पटना के दियारा क्षेत्रों में हालात खास तौर पर चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बाढ़ के कारण कई परिवारों का घर और खेती प्रभावित हुई है और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं। राहत और बचाव के लिए प्रशासन की ओर से भी अभियान चलाया जा रहा है। NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं और बड़ी संख्या में नावों का इस्तेमाल राहत एवं बचाव कार्य में किया जा रहा है।
इसी बीच पप्पू यादव ने राहत अभियान को पटना और दानापुर से आगे भी जारी रखा। 9 सितंबर को वे हाजीपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर में पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और शिविर में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविर की व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए।
कुल मिलाकर, पप्पू यादव का मौजूदा बाढ़ दौरा सिर्फ राजनीतिक दौरा नहीं बल्कि सीधे प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर राहत पहुंचाने के अभियान के तौर पर सामने आया है। पटना के दियारा से लेकर दानापुर और राघोपुर तक उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और आर्थिक सहायता के साथ राशन-पानी एवं जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई।
बाढ़ की चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसे में प्रभावित परिवारों तक लगातार राहत पहुंचाना सबसे बड़ी जरूरत है। पप्पू यादव का कहना है कि इस मुश्किल समय में बाढ़ पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता और जब तक जरूरत है, तब तक राहत का यह सिलसिला जारी रहेगा।










