सोशल संवाद / डेस्क : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि दुनिया के कई देशों के लोग अपने युवाओं को RSS की तर्ज पर प्रशिक्षण दिलाने में रुचि दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि देश और विदेश से लोग संघ के कार्यों को देखने आते हैं और जानना चाहते हैं कि युवाओं में अनुशासन, सेवा और चरित्र निर्माण की भावना कैसे विकसित की जाती है।
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एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि आज विश्व के विभिन्न हिस्सों में संघ के कार्यों को लेकर जिज्ञासा बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि कई देशों से लोग अपने युवाओं को भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण देने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।
भागवत ने कहा कि भारत के पास मानवता को सही दिशा दिखाने की क्षमता है, लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी काफी लंबा सफर तय करना बाकी है। उनके अनुसार, समाज निर्माण का कार्य निरंतर प्रयास, अनुशासन और सेवा भाव से ही संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि संघ का उद्देश्य केवल शारीरिक प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि युवाओं में चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है। उनके मुताबिक, इसी कार्यशैली के कारण देश-विदेश के लोग संघ के मॉडल में रुचि दिखा रहे हैं।
मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों से समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और सेवा कार्यों को और व्यापक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा और भारत की सांस्कृतिक एवं मानवीय परंपराओं को मजबूत करना होगा।










