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X और Meta के खिलाफ याचिका: E20 फ्यूल मामले में गडकरी ने कोर्ट में दी सफाई

By Riya Kumari

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X और Meta के खिलाफ याचिका: E20 फ्यूल मामले में गडकरी ने कोर्ट में दी सफाई

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सोशल संवाद /डेस्क : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर एक याचिका के जवाब में स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर उनकी व्यक्तिगत कोई भूमिका नहीं है। गडकरी ने अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि E20 ईंधन से जुड़ी नीतियां, मानक और फैसले केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों और विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा तय किए जाते हैं तथा इस संबंध में उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

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यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और Meta के खिलाफ दायर एक याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर E20 फ्यूल को लेकर भ्रामक और गलत जानकारी प्रसारित की गई, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। याचिका में दावा किया गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ पोस्ट और वीडियो के कारण वाहन मालिकों के बीच E20 ईंधन की सुरक्षा और उपयोग को लेकर कई तरह की आशंकाएं उत्पन्न हुईं।

अपने जवाब में गडकरी ने कहा कि E20 फ्यूल को बढ़ावा देने का उद्देश्य देश की तेल आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नीति के निर्माण, तकनीकी मानकों और क्रियान्वयन का कार्य संबंधित मंत्रालयों, तेल कंपनियों और विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा किया जाता है। इसलिए इस मामले में उन्हें व्यक्तिगत पक्षकार बनाना उचित नहीं है।

याचिका में सोशल मीडिया कंपनियों X और Meta से यह भी मांग की गई है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर E20 फ्यूल से जुड़ी कथित भ्रामक सामग्री की निगरानी करें और आवश्यक होने पर उसे हटाने की कार्रवाई करें। साथ ही अदालत से ऐसे मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने की भी अपील की गई है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों के जवाब रिकॉर्ड पर लेते हुए आगे की सुनवाई की तारीख तय की है। फिलहाल अदालत ने मामले पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। इस मामले पर सभी पक्षों की दलीलों के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

मुख्य बातें:

  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि E20 फ्यूल नीति में उनकी व्यक्तिगत कोई भूमिका नहीं है।
  • बॉम्बे हाई कोर्ट में X और Meta के खिलाफ दायर याचिका पर दाखिल किया जवाब।
  • याचिका में E20 फ्यूल से जुड़ी कथित भ्रामक सोशल मीडिया सामग्री का मुद्दा उठाया गया।
  • गडकरी ने कहा कि E20 से जुड़े फैसले संबंधित मंत्रालयों और विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा लिए जाते हैं।
  • मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में जारी है और अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
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