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PNB Currency Chest: 17 करोड़ के नकली नोट मिले, 21 अधिकारियों की टीम जांच में जुटी

By Tamishree Mukherjee

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PNB Fake Currency Case
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सोशल संवाद / डेस्क : सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में जांच के दौरान मिले 17 करोड़ रुपये के नकली नोटों ने बैंकिंग व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और PNB की 21 सदस्यीय संयुक्त टीम पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

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जांच टीम करेंसी चेस्ट के रिकॉर्ड के साथ-साथ संबंधित बैंक शाखाओं से हुए लेनदेन का भी मिलान कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि नकली नोटों की इतनी बड़ी खेप किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर सकती है।

340 बंडलों में मिले नकली नोट

ऑडिट के दौरान करेंसी चेस्ट में करीब 340 बंडल नकली नोट मिलने की बात सामने आई है। जांच में सामने आया है कि बरामद सभी नकली नोट 500 रुपये के हैं।

बैंक अधिकारियों के अनुसार 500 रुपये के एक बंडल में पांच लाख रुपये होते हैं। इस हिसाब से 340 बंडलों की रकम करीब 17 करोड़ रुपये बैठती है। ऑडिट टीम ने एक-एक नोट की बारीकी से जांच की है। इसके लिए करीब 23 मशीनों का इस्तेमाल किया गया। नोटों के सीरियल नंबर भी दर्ज किए गए हैं और उनकी जानकारी RBI से मांगी गई है।

ज्यादातर नकली नोट नए, कुछ पुराने भी

जांच के दौरान अधिकारियों के सामने एक अहम तथ्य यह आया कि नकली नोटों में ज्यादातर नए नोट बताए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ पुराने 500 रुपये के नकली नोट भी मिले हैं।

नए और पुराने दोनों तरह के नकली नोट मिलने से जांच टीम अब इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि यह नकली करेंसी बैंकिंग सिस्टम में कब से और किस माध्यम से पहुंच रही थी। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि क्या नकली नोट अलग-अलग बैंक शाखाओं के माध्यम से करेंसी चेस्ट तक पहुंचे या फिर किसी स्तर पर इनकी पहचान नहीं हो सकी।

बैंकिंग चैनल की भी हो रही जांच

RBI और PNB की संयुक्त टीम केवल करेंसी की गिनती तक सीमित नहीं है। टीम करेंसी चेस्ट के रिकॉर्ड और बैंक शाखाओं से हुए लेनदेन का मिलान कर रही है। जांच का मुख्य फोकस नकली नोटों के स्रोत, बैंकिंग चैनल और करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की प्रक्रिया पर है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट आखिर सिस्टम में कैसे दाखिल हुए।

आरोपित बैंक अधिकारियों की तलाश जारी

इस मामले में पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ मंडल प्रबंधक कार्यालय से जुड़े रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और जगाधरी करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं। पुलिस आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ उनकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी तलाश कर रही है।

चोरी की जांच में हुआ नकली नोटों का बड़ा खुलासा

बताया जा रहा है कि बैंक के पार्टटाइम हाउसकीपर से जुड़ी चोरी की जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट होने का खुलासा हुआ। इसके बाद बैंक स्तर पर ऑडिट कराया गया और नोटों की बारीकी से जांच शुरू हुई।

ऑडिट टीम के अधिकारियों ने प्रत्येक नोट की जांच करने के साथ उसके सीरियल नंबर भी दर्ज किए। नोटों की वास्तविकता की पुष्टि के लिए RBI से भी संबंधित जानकारी मांगी गई है।

क्या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं 17 करोड़ के नकली नोट?

17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी और उसमें भी लगभग सभी नोटों का 500 रुपये के मूल्यवर्ग का होना जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल है। फिलहाल जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों का स्रोत क्या है, ये करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंची और बैंकिंग सिस्टम में कितने समय से इसका इस्तेमाल हो रहा था।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में नकली करेंसी की रकम और बढ़ेगी या नहीं। एहतियात के तौर पर अन्य करेंसी चेस्ट को भी अलर्ट कर दिया गया है।

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