Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

सोना देवी विश्वविद्यालय में कवि गुरू रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती मनाई गई

By Muskan Thakur

Published :

Follow
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : Sona Devi University के घाटशिला स्थित विवेकानंद ऑडिटोरियम में कवि गुरू Rabindranath Tagore की 165वीं जयंती के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ये भी पढे : ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने को बंद होगी 3 रेलवे क्रॉसिंग

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि कवि गुरू रवीन्द्रनाथ टैगोर ऐसी महान शख्सियत थे, जिन्हें सम्मानित करने वाला स्वयं सम्मानित हो जाता है। उन्होंने कहा कि गुरूदेव ने समाज में पुनर्जागरण की चेतना जगाई तथा रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करते हैं।

विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नित नयना ने गुरूदेव के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को प्रकृति के साथ जोड़कर रचनात्मक प्रतिभा को विकसित करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरूदेव की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर बी.फार्म की छात्रा बालेश्वरी मार्डी एवं लक्ष्मी मुर्मू ने नृत्य प्रस्तुति देकर गुरूदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापक अनुसूआ राय ने भी भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया।

मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. निभा शुक्ला ने गुरूदेव के जीवन और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। वहीं गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक कृष्णेंदु दत्ता ने गुरूदेव के सम्मान में गीत प्रस्तुत करते हुए कहा कि “जहां मन की स्वतंत्रता है, गुरूदेव आज भी वहीं जीवित हैं।”

बी.फार्म के छात्र संदीप सिंह देव एवं वित्त विभाग की कर्मचारी प्रियंका ने भी गुरूदेव की शिक्षाओं को याद किया।कार्यक्रम का संचालन बांग्ला विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंजना बनर्जी ने किया, जबकि इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. कंचन सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Social Samvad Creator