सोशल संवाद / डेस्क : West Bengal UCC Bill: पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार विधानसभा के मौजूदा सत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पेश करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार सोमवार को इस बिल को सदन में पेश कर सकती है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो पश्चिम बंगाल उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
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चुनावी वादे को पूरा करने की तैयारी
भाजपा ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में सत्ता में आने के छह महीने के भीतर UCC लागू करने का वादा किया था। सरकार अब उसी वादे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद विधायकों को बिल का मसौदा भी उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का उद्देश्य विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति के बंटवारे जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू करना है। फिलहाल इन विषयों पर अलग-अलग धार्मिक समुदायों के अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं। UCC लागू होने पर इन मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था होगी।
सदन में हो सकती है जोरदार बहस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि UCC बिल पर विधानसभा में व्यापक चर्चा होने की संभावना है। सरकार इसे सामाजिक समानता और कानूनी एकरूपता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कई राज्यों में पहले ही उठ चुके हैं कदम
उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों में UCC को लेकर पहले ही पहल की जा चुकी है। पश्चिम बंगाल में यह विधेयक पेश होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी इस विषय पर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज होने की संभावना है।
सभी की नजरें विधानसभा पर
अब सभी की निगाहें पश्चिम बंगाल विधानसभा के आगामी सत्र पर टिकी हैं। यदि सरकार तय कार्यक्रम के अनुसार बिल पेश करती है, तो यह राज्य की राजनीति और देशभर में UCC पर चल रही बहस के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा।










