प्रधानमंत्री रील बनाने को पाठ्यक्रम में शामिल करें : सुधीर कुमार पप्पू

By Tamishree Mukherjee

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प्रधानमंत्री रील बनाने को पाठ्यक्रम में शामिल करें

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सोशल संवाद / जमशेदपुर :  समाजवादी चिंतक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता, छपरा (तरैया) निवासी सुधीर कुमार पप्पू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ऊँची जातियों का वोट पाने के लिए उन्हें डराते हैं और लालू प्रसाद यादव के नाम पर ‘जंगल राज’ की दुहाई देते हैं।

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लालू यादव ने पिछड़ी जातियों, अतिपिछड़ी जातियों, दलितों और महादलितों को सशक्त किया, उनके स्वाभिमान को जागृत किया, संविधान का राज कायम किया और सामंती विचारधारा को ध्वस्त किया।

प्रधानमंत्री यह भूल जाते हैं कि पिछले 20 वर्षों से बिहार में नीतीश कुमार सरकार में भाजपा साझेदार रही है। सृजन घोटाले सहित कई अन्य घोटाले हुए हैं जिन पर महालेखाकार की रिपोर्ट भी है, लेकिन उन पर प्रधानमंत्री मौन रहते हैं। भारतीय जनता पार्टी को वास्तव में “लूट का हिस्सा” चाहिए। इसलिए जिन नेताओं पर पहले वह ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग लगाकर घोटालेबाज का आरोप लगाती है, बाद में उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है।

देश में लालू यादव का वह अकेला परिवार है जिसने भाजपा के मंसूबों को ध्वस्त किया है। यही बात भाजपा, नागपुर और सामंतवादी-मनुवादी मानसिकता वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं है। प्रधानमंत्री बिहार में बहुत बोलते हैं, लेकिन हाथरस दलित बालिका कांड और मुजफ्फरपुर बालिका गृह प्रकरण पर चुप क्यों रहते हैं?

इसके साथ ही अधिवक्ता पप्पू ने प्रधानमंत्री पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में रील बनाने की प्रशंसा की है। शायद इसी आधार पर प्रधानमंत्री यह दावा करते हैं कि देश में कोई बेरोजगार नहीं है। इसलिए प्रधानमंत्री को सलाह देता हूँ कि रील बनाने के अध्याय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।

और जिस तरह देश के 80 करोड़ लोगों को 5 किलो अनाज देकर “मुफ्तखोर” बना दिया गया है, उसी तर्ज पर देश के सभी मोबाइल धारकों को रोजाना 2 जीबी डाटा का अनुदान दिया जाए और उसकी राशि अंबानी जैसी कंपनियों तथा अन्य सेल्युलर कंपनियों को सरकार द्वारा दी जाए। तब देश के लोग बेरोजगारी और महंगाई को भूल जाएंगे।

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