प्रधान सचिव मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पर विधिसम्मत कार्रवाई करें: सरयू राय

By Riya Kumari

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प्रधान सचिव मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पर विधिसम्मत कार्रवाई करें: सरयू राय

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सोशल संवाद / जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के वर्तमान अपर नगर आयुक्त के कामकाज को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार को पत्र लिखकर मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।

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सरयू राय ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार और सूडा निदेशक से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपना पत्र सौंपा। उनके अनुसार, प्रधान सचिव ने मामले में मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त से जवाब तलब करने का आश्वासन दिया है।

करोड़ों की योजनाओं की निविदा रद्द करने पर सवाल

प्रधान सचिव को भेजे पत्र में सरयू राय ने आरोप लगाया है कि मानगो नगर निगम में करोड़ों रुपये की योजनाओं की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने विशेष रूप से पहले से प्रकाशित और प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी निविदाओं को रद्द करने तथा नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद भी पुरानी दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा जारी करने का मुद्दा उठाया है।

सरयू राय के अनुसार, निविदा आमंत्रण सूचना संख्या UDHD/MMC/01/2026-27, दिनांक 13 अप्रैल 2026 के तहत तत्कालीन उप नगर आयुक्त ने छह योजनाओं के लिए निविदा प्रकाशित की थी। इन योजनाओं की कुल लागत 3 करोड़ 58 लाख 17 हजार 400 रुपये थी।

उनका कहना है कि निविदाएं खोली जा चुकी थीं और तुलनात्मक वित्तीय विवरणी तैयार कर नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया चल रही थी। इन योजनाओं को नगर विकास विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी थी। इसके बावजूद वर्तमान अपर नगर आयुक्त ने इन निविदाओं का निष्पादन करने के बजाय उन्हें रद्द कर दिया।

सरयू राय के मुताबिक, इसका परिणाम यह हुआ कि जरूरी योजनाओं का क्रियान्वयन लंबित हो गया।

22 योजनाओं वाली दो निविदाएं रद्द करने पर भी सवाल

विधायक ने UDHD/MMC/04/2025-26, दिनांक 27 सितंबर 2025 और UDHD/MMC/11/2025-26, दिनांक 15 जनवरी 2026 की निविदाओं को रद्द किए जाने पर भी सवाल उठाया है।

उनके अनुसार, इन दोनों निविदाओं में कुल 2 करोड़ 6 लाख 90 हजार 540 रुपये की 22 योजनाएं शामिल थीं। निविदाएं खोली जा चुकी थीं, संवेदकों का चयन हो गया था और कार्यादेश जारी होने के बाद उनसे अग्रधन भी जमा कराया गया था।

सरयू राय का आरोप है कि जिन चयनित संवेदकों ने कार्य शुरू नहीं किया था, उन्हें नियमानुसार तीन सूचनाएं दी जानी चाहिए थीं। इसके बावजूद कार्य शुरू नहीं करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय निविदाएं ही रद्द कर दी गईं।

उन्होंने इसे नियमों के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

पुरानी दर-सूची पर 55 योजनाओं की निविदा का मुद्दा

सरयू राय ने नई और पुरानी निर्धारित दर-सूची को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न कार्य विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए करीब एक सप्ताह पहले नई निर्धारित दर-सूची प्रकाशित की थी।

इसके बावजूद, उनके अनुसार, दो दिन पहले मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ने पुरानी निर्धारित दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा प्रकाशित कर दी।

इन 55 योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि 5 करोड़ 58 लाख 5 हजार 870 रुपये बताई गई है।

सरयू राय का कहना है कि नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद पुरानी दर-सूची के आधार पर योजनाओं की निविदा जारी करना उचित नहीं है।

विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव का आरोप

मानगो नगर निगम में विकास योजनाओं के चयन को लेकर भी सरयू राय ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यथा संशोधित झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 के अनुसार नगर निगमों की कार्यकारी शक्तियां नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त और उप नगर आयुक्त के पास होती हैं।

सरयू राय ने आरोप लगाया कि मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त बाहरी दबाव में काम कर रहे हैं और विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते वह निगम बोर्ड के पदेन सदस्य हैं। इसके बावजूद 55 योजनाओं के लिए प्रकाशित निविदा में उनके कार्यालय की ओर से भेजी गई एक भी योजना शामिल नहीं की गई।

सरयू राय ने इसे राजनीतिक दबाव में किया जा रहा भेदभावपूर्ण आचरण बताया है।

निगम बोर्ड की बैठक को लेकर भी सवाल

सरयू राय ने मानगो नगर निगम बोर्ड की बैठक को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह होनी चाहिए, लेकिन पिछली बैठक 18 अगस्त 2026 को हुई थी और यह बैठक भी करीब चार महीने के अंतराल के बाद बुलाई गई थी।

उन्होंने कहा कि पिछली बैठक को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक अगली बैठक बुलाने की सूचना नहीं दी गई है। साथ ही पिछली बैठक की कार्यवाही भी बोर्ड सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराए जाने का आरोप लगाया।

सरयू राय के अनुसार, नियमों के तहत बैठक से 72 घंटे पहले कार्यसूची सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पिछली बैठक में उन्हें कार्यसूची उपलब्ध नहीं कराई गई और अन्य सदस्यों को केवल विचारणीय बिंदुओं की सूची भेजी गई।

अधिकारियों की पदस्थापना पर भी उठाया सवाल

सरयू राय ने मानगो नगर निगम में अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विजय कुमार वर्मा का पदस्थापन मानगो नगर निगम में हुआ है।

उनके अनुसार, विजय कुमार वर्मा अपर नगर आयुक्त से वरीय होने के बावजूद उनके अधीन उप नगर आयुक्त के पद पर काम कर रहे हैं।

सरयू राय ने इसे प्रशासनिक दृष्टि से असामान्य स्थिति बताते हुए सवाल उठाया कि वरीय अधिकारी को कनीय अधिकारी के अधीन कनीय पद पर पदस्थापित करने के पीछे सरकार की क्या मंशा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मामले में टिप्पणी करना उचित नहीं होगा और सरकार को अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।

विधिसम्मत कार्रवाई की मांग

सरयू राय ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से आग्रह किया है कि पत्र के बिंदु 1 से 5 में दिए गए विवरण के आधार पर मानगो नगर निगम में कार्य संपादन के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच कराई जाए और अपर नगर आयुक्त के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

वहीं, पत्र के छठे बिंदु में उठाई गई पदस्थापना संबंधी विसंगति के मामले में उन्होंने सरकार से अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

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